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जनपद इटावा के दांदरपुर गांव में कथा वाचक मुकुट मणि यादव और संत कुमार यादव के साथ हुई वीभत्स और अमानवीय घटना को लेकर बाराबंकी जिले में यादव समाज ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है।
इटावा में हुई घटना को लेकर यादव समाज की हुई बैठक
Barabanki News: जनपद इटावा के दांदरपुर गांव में कथा वाचक मुकुट मणि यादव और संत कुमार यादव के साथ हुई वीभत्स और अमानवीय घटना को लेकर बाराबंकी जिले में यादव समाज ने गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। इसको लेकर मंगलवार को गन्ना संस्थान परिसर में यादव समाज की एक आपात बैठक बुलाई गई, जिसमें बड़ी संख्या में समाज के लोग जुटे। बैठक की अध्यक्षता यादव समाज के जिला अध्यक्ष के.के. यादव ने की।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के मुताबिक, बैठक में समाज के नेताओं और नागरिकों ने इटावा की घटना की कड़ी निंदा करते हुए इसे जातिगत आतंकवाद का प्रतीक बताया। वक्ताओं ने कहा कि जिस तरह से कथा वाचकों को जाति के नाम पर निशाना बनाकर उनके साथ मारपीट की गई, सर मुंडवाकर नाक रगड़वाया गया और महिला के मूत्र को उन पर फेंका गया, वह न केवल शर्मनाक है बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली घटना है। यह निंदनीय कृत्य भारत की सामाजिक एकता और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है।
अपने संबोधन में के.के. यादव ने कहा कि यह घटना न सिर्फ यादव समाज के लिए अपमानजनक है, बल्कि पूरे राष्ट्र की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अपराध को समाज कभी माफ नहीं करेगा और जब तक पीड़ितों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के बजाय पीड़ितों पर ही फर्जी मुकदमा लादकर उन्हें बदनाम करने का प्रयास किया जा रहा है, जो अत्यंत निंदनीय है।
यादव समाज ने इस पूरी घटना की निष्पक्ष जांच, पीड़ितों को सुरक्षा, दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी और उन पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन तैयार किया। यह ज्ञापन जिलाधिकारी के प्रतिनिधि के रूप में पहुंचे नवनियुक्त तहसीलदार आशुतोष उपाध्याय को सौंपा गया।
ज्ञापन सौंपने के दौरान यादव समाज की ओर से दर्जनों प्रमुख लोग उपस्थित रहे, जिनमें लालजी यादव, सुनील यादव, संदीप यादव, ममता यादव, रेखा देवी, रामू यादव, बापू अजीत कुमार, शीला देवी, रामनारायण यादव, घनश्याम यादव, लवकुश यादव, वीरेंद्र यादव, चंद्रपाल यादव, महेश यादव, रमेश यादव, अंकित यादव, बृजेश यादव, ऋषभ यादव, विक्रांत सैनी और निहाल अहमद सिद्दीकी शामिल रहे। कार्यक्रम में भारी संख्या में समाज के युवा, महिलाएं और वरिष्ठजन शामिल हुए। यादव समाज ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो राज्यव्यापी आंदोलन की राह पकड़ी जाएगी। यह सिर्फ एक जाति की नहीं, बल्कि इंसानियत की लड़ाई है।