हिंदी
बाराबंकी में चंद्रशेखर आजाद के काफिले पर हमला (Img: X)
Barabanki: उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में नगीना सांसद और आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद के काफिले को लेकर विवाद सामने आया। रामनगर थाना क्षेत्र के बुढ़वल चौराहे के पास काफिले पर कथित तौर पर जूते और पत्थर फेंके जाने का आरोप लगाया गया है। चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि घटना में कई कार्यकर्ता घायल हुए और काफिले की 7 से 8 गाड़ियों को नुकसान पहुंचा।
जानकारी के अनुसार, चंद्रशेखर आजाद गोंडा जाने के लिए निकले थे। उन्हें विनोद कुमार साहनी और रमेश कोरी के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देनी थी। इसी दौरान बुढ़वल चौराहे के पास पुलिस ने उनके काफिले को रोककर दूसरे रास्ते से जाने के लिए कहा। इसी बीच वहां मौजूद लोगों और काफिले के बीच विवाद की स्थिति बन गई।
चंद्रशेखर आजाद का आरोप है कि चौराहे पर कुछ लोग तख्तियां लेकर खड़े थे। उनके मुताबिक, कुछ लोगों के हाथों में पत्थर भी थे। आरोप है कि इसी दौरान उनके काफिले की तरफ जूते और पत्थर फेंके गए। घटना में एक वाहन का शीशा टूटने की बात सामने आई है। सांसद ने दावा किया कि काफिले की कई दूसरी गाड़ियों को भी नुकसान पहुंचा।
ये भी पढ़ें- ‘साहब, मेरे बेटे की जान बचा लो’, सऊदी जेल में मौत के साये के बीच भारत सरकार से मदद की गुहार लगाता बलजिंदर का परिवार
घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद ने दावा किया कि हमले में करीब 13 से 14 लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि एक कार्यकर्ता की आंख में चोट लगी है। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस की विस्तृत जांच और बयान के बाद ही हो सकेगी।
घटना के बाद चंद्रशेखर आजाद अपने समर्थकों के साथ बाराबंकी एसपी कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने पूरे मामले में कार्रवाई की मांग की। मामले को लेकर उनकी ओर से एक तहरीर दिए जाने की जानकारी है। इसके अलावा उनके कार्यकर्ता सनी की तरफ से भी अलग तहरीर दिए जाने की बात सामने आई है।
चंद्रशेखर आजाद ने आरोप लगाया कि जिस समय काफिले पर हमला हुआ, उस वक्त मौके पर पुलिस मौजूद थी। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनके बयान के मुताबिक, घटना को लेकर प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल खड़े होते हैं।
ये भी पढ़ें- इमरान खान की पूर्व पत्नी जेमिमा गोल्डस्मिथ ने 22 साल बाद की दूसरी शादी, इस अरबपति को बनाया जीवनसाथी
इस विवाद का असर उनके गोंडा दौरे पर भी पड़ा। हंगामे के बाद वह गोंडा नहीं जा सके और उनका निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हो गया।
चंद्रशेखर आजाद ने कहा है कि अगर सोमवार तक मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो मंगलवार से पूरे प्रदेश में आंदोलन शुरू किया जाएगा। उनके इस बयान के बाद मामला और राजनीतिक रूप से गरमाने की संभावना बढ़ गई है।
Location : Barabanki
Published : 14 September 2026, 2:46 PM IST