Balrampur News: भ्रष्ट कार्यप्रणाली पर एसपी का हंटर, विवेचना में खेल करने वाले दरोगा पर हुआ ये एक्शन

पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने सख्त रुख अपना लिया है। मामला उस समय का है जब उपनिरीक्षक अजय गिरि थाना महराजगंज तराई में तैनात थे।

Balrampur: बलरामपुर पुलिस विभाग में अनुशासनहीनता और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए विभागीय नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने सख्त रुख अपना लिया है। महाराजगंज तराई थाने में तैनाती के दौरान विवेचना में गड़बड़ी कर व्यक्तिगत लाभ लेने के दोषी पाए गए उपनिरीक्षक अजय गिरि पर गाज गिरी है। एसपी ने उन्हें तत्काल प्रभाव से तीन वर्ष के लिए न्यूनतम वेतनमान पर प्रत्यावर्तित करने का आदेश जारी किया है।

मामला उस समय का है जब उपनिरीक्षक अजय गिरि थाना महराजगंज तराई में तैनात थे। उन पर आरोप था कि एक मुकदमे की विवेचना के दौरान उन्होंने राजकीय कार्यों के प्रति स्वेच्छाचारिता दिखाई और नियमों के विरुद्ध जाकर विवेचना को गलत तरीके से प्रभावित किया। इस कार्य के पीछे उनका उद्देश्य अनुचित तरीके से व्यक्तिगत लाभ प्राप्त करना था।

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने मामले की जांच अपर पुलिस अधीक्षक विशाल पाण्डेय को सौंपी थी। एएसपी की विस्तृत जांच रिपोर्ट में उपनिरीक्षक अजय गिरि को अनुशासनहीनता और कदाचार का स्पष्ट दोषी पाया गया। जांच रिपोर्ट के आधार पर एसपी ने कड़ा रुख अपनाते हुए दंडात्मक आदेश पारित किया।

एसपी विकास कुमार ने 'उत्तर प्रदेश अधीनस्थ श्रेणी के पुलिस अधिकारियों की दण्ड एवं अपील नियमावली 1991' के नियम 4 (1) के तहत कार्रवाई की है। आदेश के अनुसार, अजय गिरि को उपनिरीक्षक पद के मूल वेतनमान के न्यूनतम वेतनमान पर 03 वर्ष के लिए प्रत्यावर्तित कर दिया गया है।

एसपी की इस कड़ी कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है। जिले के आला अधिकारियों ने साफ संकेत दे दिए हैं कि जनता के साथ न्याय करने के बजाय निजी लाभ देखने वाले किसी भी पुलिसकर्मी को बख्शा नहीं जाएगा।

Location : 
  • Balrampur

Published : 
  • 19 January 2026, 8:37 PM IST

Advertisement
Advertisement