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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले से एक बड़ी लापरवाही की खबर सामने आई है। दरअसल एक निजी अस्पताल में बड़ी लापरवाही की गई। इसका खामियाजा अब उस मासूम बच्चे को चुकानी पड़ेगी जिसमे उसका कोई कसूर ही नहीं था। कसूरवार था वो अस्पताल जिसने मां को छीन लिया। बलिया की दिल दहला देने वाली खबर की पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें
बलिया डॉक्टर्स केस (source: google)
Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक निजी अस्पताल की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। जिला मुख्यालय स्थित चर्चित अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक 24 वर्षीय महिला की अचानक मौत हो गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य आरोपी डॉ. ज्योत्स्ना सिंह सहित पांच डॉक्टरों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया है और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
घटनाक्रम के अनुसार, सुखपुरा थाना क्षेत्र के देवकली गांव की निवासी अनिशा पांडेय को 22 मार्च की दोपहर पथरी के लेजर ऑपरेशन के लिए अस्पताल लाया गया था। परिजनों का कहना है कि अस्पताल ने ऑपरेशन के लिए पहले ही 50 हजार रुपये जमा करा लिए थे और बाद में अतिरिक्त पैसों की मांग की गई।
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परिजनों का सबसे बड़ा आरोप यह है कि डॉक्टरों ने तय लेजर तकनीक की जगह बिना किसी पूर्व सूचना के ओपन सर्जरी कर दी। ऑपरेशन के कुछ देर बाद जब डॉक्टर ज्योत्स्ना सिंह बाहर आईं और महिला की हालत नाजुक बताकर उसे लखनऊ रेफर करने को कहा, तब परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। जब वे ओटी के भीतर पहुंचे, तो अनिशा मृत अवस्था में पड़ी थी।
मृतका के परिजनों ने कोतवाली पुलिस को दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि डॉ. ज्योत्स्ना सिंह, डॉ. अपूर्वा सिंह, डॉ. दीपक सिंह, डॉ. संजय सिंह और डॉ. रोहन गुप्ता ने मिलकर ऑपरेशन किया था। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉक्टरों ने न केवल लापरवाही बरती बल्कि सच्चाई छिपाकर उन्हें गुमराह भी किया। इसी आधार पर पुलिस ने इन पांचों डॉक्टरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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इस बीच स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी सख्त रुख अपनाते हुए अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर को तुरंत सील कर दिया है। हालांकि, अस्पताल में पहले से भर्ती अन्य मरीजों की सुविधा को देखते हुए फिलहाल पूरे नर्सिंग होम को बंद नहीं किया गया है।
बताया जा रहा है कि मृतका अनिशा ने मात्र छह महीने पहले ही सिजेरियन ऑपरेशन के जरिए एक बच्चे को जन्म दिया था, जिसके बाद इस दुखद घटना ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति को नियंत्रित किया। हालांकि, एफआईआर दर्ज होने के बाद भी अब तक किसी भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है, जिससे स्थानीय लोगों और परिजनों में भारी आक्रोश व्याप्त है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और सबूतों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारियां सुनिश्चित की जाएंगी।