गुजरात से कानपुर तक का सफर: बब्बर शेर पटौदी का निधन, इलाज के लिए आया था कानपुर

पटौदी शेर की गुरुवार को कानपुर चिड़ियाघर में मौत हो गई। 17 साल का पटौदी हाल ही में बीमार पड़ा था। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 15 May 2025, 5:29 PM IST
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कानपुर: प्राणी उद्यान में एक दुखद घटना घटित हुई है, जहां गोरखपुर चिड़ियाघर से इलाज के लिए लाए गए बब्बर शेर पटौदी की गुरुवार को मौत हो गई।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, बीते रविवार को शेर को लिवर की बीमारी के कारण कानपुर लाया गया था और वहां विशेष चिकित्सकों की टीम की निगरानी में उसका इलाज किया जा रहा था। इस घटना ने चिड़ियाघर प्रशासन को चिंता में डाल दिया है।

इलाज के बावजूद मौत

गोरखपुर के चिड़ियाघर से लाए गए इस शेर के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद जताई जा रही थी, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शेर के इलाज की पूरी प्रक्रिया कानपुर चिड़ियाघर के डॉक्टरों और विशेषज्ञों की टीम द्वारा की जा रही थी, लेकिन अंतिम समय में शेर को बचाया नहीं जा सका। शेर की मौत के बाद चिड़ियाघर के कर्मचारियों और जानवरों के स्वास्थ्य के लिए सतर्कता बढ़ा दी गई है।

बर्ड फ्लू का अलर्ट

जहां एक ओर बब्बर शेर की मौत ने प्रशासन को हिलाकर रख दिया है, वहीं दूसरी ओर बर्ड फ्लू के अलर्ट के कारण कानपुर चिड़ियाघर में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। चिड़ियाघर को 19 जनवरी तक बंद कर दिया गया है और बाहर के लोगों का प्रवेश पूरी तरह से प्रतिबंधित कर दिया गया है। प्रशासन ने वायरस के फैलने के डर से चिड़ियाघर की सख्त निगरानी शुरू कर दी है।

गोरखपुर चिड़ियाघर में बर्ड फ्लू की पुष्टि

गोरखपुर के चिड़ियाघर से लाए गए शेर की स्थिति की गंभीरता को देखते हुए यह खुलासा हुआ कि वहां की मादा बाधिन में H5 एवियन इंफ्लूएंज़ा वायरस की पुष्टि हुई थी। यह वायरस पक्षियों से अन्य जानवरों और मनुष्यों में भी फैल सकता है। इसके बाद कानपुर चिड़ियाघर से भी 13 सैंपल राष्ट्रीय उच्च सुरक्षा पशुरोग संस्थान भोपाल भेजे गए हैं, ताकि वायरस की जांच की जा सके और उसका प्रसार रोका जा सके।

एतिहात बरतने की सलाह

चिड़ियाघर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने इस संदर्भ में सभी से एतिहात बरतने और गाइडलाइन्स का पालन करने का आग्रह किया है। प्रशासन ने बताया कि H5N1 वायरस के फैलने की आशंका को देखते हुए सभी कर्मचारियों और चिड़ियाघर के आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही, पर्यटकों को भी सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे चिड़ियाघर में प्रवेश न करें जब तक कि स्थिति सामान्य न हो जाए।

पटौदी का जन्म

पटौदी शेर का जन्म गुजरात के जूनागढ़ स्थित सक्करबाग प्राणी उद्यान में हुआ था। 26 सितंबर 2019 को उसे इटावा लायन सफारी में लाया गया था। जहां वह अपनी शेरनी साथी मरियम के साथ आराम से जीवन बिता रहा था। उस समय पटौदी की उम्र करीब 8 साल थी। फरवरी 2021 में उसे इटावा से गोरखपुर लाया गया, जहां उसे लखनऊ से ताजा मांस खिलाया जाता था। गोरखपुर चिड़ियाघर में एक आरामदायक जीवन बिता रहा पटौदी कुछ समय बाद बीमार हो गया, जिसके कारण उसे कानपुर चिड़ियाघर में इलाज के लिए भेजा गया।

Location : 
  • Kanpur

Published : 
  • 15 May 2025, 5:29 PM IST

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