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दीपोत्सव-2026 की तैयारियां अंतिम चरण में (Img: AI Generated)
Ayodhya: रामनगरी अयोध्या एक बार फिर दीपों की रोशनी से जगमगाने के लिए तैयार है। दीपोत्सव-2026 को यादगार बनाने के लिए तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस बार दीपोत्सव के दसवें संस्करण में कुछ ऐसा नजारा देखने को मिलेगा, जो श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण बनने वाला है। सरयू नदी के तट पर एक साथ 2,147 अर्चक भव्य महाआरती करेंगे। वहीं, करीब 30 लाख दीयों से पूरी रामनगरी को रोशन करने की तैयारी है।
सात नवंबर को होने वाले इस आयोजन में धार्मिक परंपरा, भक्ति और आधुनिक तकनीक का अनूठा मेल देखने को मिलेगा। आइए जानते हैं दीपोत्सव में इस बार क्या-क्या खास होने वाला है।
दीपोत्सव-2026 में सरयू नदी की सामूहिक महाआरती प्रमुख आकर्षण होगी। सात नवंबर को शाम करीब 5:20 बजे से 5:50 बजे तक यह आयोजन किया जाएगा। लक्ष्मण किला घाट से नया घाट और राम की पैड़ी तक अर्चक एक साथ आरती करेंगे।
इस भव्य आयोजन के लिए सरयू नदी के 56 घाटों को विशेष रूप से तैयार किया जा रहा है। घाटों की सजावट के साथ सामूहिक आरती की तैयारियां भी की जा रही हैं। वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच हजारों दीपों से जगमगाते घाट अयोध्या की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा की झलक पेश करेंगे।
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इस बार सरयू महाआरती में अर्चकों की संख्या भी चर्चा में है। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि हर साल इस आयोजन में अर्चकों की संख्या बढ़ी है। आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2024 में 1,121 अर्चकों ने सामूहिक आरती की थी। वर्ष 2025 में यह संख्या बढ़कर 2,128 हो गई। वहीं, इस बार 2,147 अर्चक एक साथ सरयू की महाआरती करेंगे।
खास बात यह है कि नौवें दीपोत्सव के दौरान वर्ष 2025 में 2,128 अर्चकों और वेदाचार्यों ने सामूहिक सरयू महाआरती कर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में अपना नाम दर्ज कराया था।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में वर्ष 2017 में दीपोत्सव की शुरुआत 1.71 लाख दीयों के प्रज्ज्वलन के साथ हुई थी। इसके बाद हर साल इस आयोजन का विस्तार होता गया और इसमें जनभागीदारी भी बढ़ती गई। पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह के मुताबिक, पिछले वर्ष 26 लाख से अधिक दीये जलाकर अयोध्या ने नया विश्व कीर्तिमान बनाया था। अब दसवें दीपोत्सव पर सात नवंबर को करीब 30 लाख दीयों से रामनगरी को रोशन करने की तैयारी है।
इस बार आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में सामूहिक सरयू आरती, अंतरराष्ट्रीय रामलीला और 2,100 ड्रोन के जरिए रामायण के प्रसंगों का हवाई प्रदर्शन भी शामिल होगा।
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पर्यटन, संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कहा कि दीपोत्सव अयोध्या की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, धार्मिक आस्था और जनभागीदारी का प्रतीक बन चुका है। उन्होंने बताया कि हर साल इस आयोजन का दायरा बढ़ रहा है और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान को वैश्विक मंच पर नई ऊंचाई मिल रही है। इस बार भी दीपों की भव्य सजावट, सामूहिक सरयू आरती और आधुनिक तकनीक के मेल से आयोजन को यादगार बनाने की तैयारी है।
अमृत अभिजात के मुताबिक, प्रयास है कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालु यहां की आध्यात्मिक परंपरा और सांस्कृतिक वैभव का खास अनुभव लेकर लौटें।अब सात नवंबर को सभी की निगाहें रामनगरी अयोध्या पर रहेंगी, जहां 30 लाख दीयों की रोशनी, 2,147 अर्चकों की महाआरती और 2,100 ड्रोन का प्रदर्शन दीपोत्सव के दसवें संस्करण को खास बनाएगा।
Location : Ayodhya
Published : 2 November 2026, 8:36 PM IST