धीरेंद्र शास्त्री पर भड़के अखिलेश यादव! बोले-ऐसे व्यक्ति को प्रतिबंधित करना ही एकमात्र रास्ता

भगवान श्रीकृष्ण को लेकर धीरेंद्र शास्त्री के बयान ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। अब समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए उन्हें बैन करने की मांग की है। दूसरी तरफ विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने वीडियो जारी कर माफी मांगी है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 2 November 2026, 8:08 PM IST
google-preferred

Lucknow: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण की तुलना करते हुए दिए गए उनके बयान पर अब समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी कड़ी नाराजगी जताई है। अखिलेश ने इस मामले में धीरेंद्र शास्त्री के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए उन्हें बैन करने की बात कही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाले ऐसे बयान क्यों दिए जा रहे हैं और इसके पीछे किसकी मंशा है? वहीं, विवाद बढ़ने के बाद धीरेंद्र शास्त्री ने भी सफाई देते हुए माफी मांगी है।

भगवान कृष्ण को लेकर क्या बोले धीरेंद्र शास्त्री?

दरअसल, मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के करेरा में एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने भगवान राम और श्रीकृष्ण के स्वरूप की तुलना की थी। उन्होंने भगवान श्रीकृष्ण की मुद्रा, बांसुरी बजाने के अंदाज और वृंदावन धाम का जिक्र करते हुए उन्हें टेढ़ा बताया था।

उन्होंने कहा था कि भगवान राम सीधे खड़े होते हैं, उनका नाम और धाम भी सीधा है, जबकि श्रीकृष्ण की मुद्रा टेढ़ी होती है। उन्होंने बांसुरी बजाने और धनुष चलाने की भी तुलना की थी। उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इसके बाद कई लोगों ने उनकी भाषा और भगवान श्रीकृष्ण को लेकर की गई टिप्पणी पर आपत्ति जताई।

ये भी पढ़ें- CJI Surya Kant Deoghar Visit: गार्ड ऑफ ऑनर के साथ हुआ स्वागत, बाबा बैद्यनाथ धाम में की पूजा-अर्चना

अखिलेश यादव ने उठाए सवाल

इस विवाद में अखिलेश यादव की एंट्री के बाद मामला और चर्चा में आ गया है। सपा प्रमुख ने धीरेंद्र शास्त्री के बयान को दुर्भाग्यपूर्ण और आपत्तिजनक बताया। अखिलेश यादव ने कहा कि धार्मिक समाज के बीच आपसी एकता को नुकसान पहुंचाने वाली बातें गंभीर हैं। उन्होंने इस पूरे मामले की जांच कराने की मांग भी उठाई।

राम और कृष्ण की तुलना पर भी जताई नाराजगी

अखिलेश यादव ने अपने बयान में कहा कि भगवान राम और श्रीकृष्ण दोनों ही भगवान विष्णु के अवतार हैं। दोनों की अपनी-अपनी लीलाएं और महत्व हैं। ऐसे में एक अवतार को दूसरे से बेहतर बताने के लिए तुलना करना उचित नहीं है।उन्होंने भगवान राम को लोकरक्षक और भगवान कृष्ण को लोकरंजक बताते हुए कहा कि दोनों का अपना अलग महत्व है।

सपा प्रमुख ने यह भी कहा कि इस तरह की बातों से केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भावनाएं आहत हो सकती हैं।

ये भी पढ़ें- आकाश आनंद की हुंकार- मायावती को पांचवीं बार CM बनाओ, भाजपा ने जो छीना उससे दोगुना लौटाएंगे!

'ऐसे व्यक्ति को बैन करना ही एकमात्र उपाय'

अखिलेश यादव ने इस मामले में सबसे कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि ईशनिंदा जैसी टिप्पणी करने वाले व्यक्ति के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की बातों को नहीं रोका गया तो समाज में अशांति और आपसी वैमनस्य बढ़ सकता है। उन्होंने धीरेंद्र शास्त्री को बैन करने की मांग करते हुए सरकार से मामले का संज्ञान लेने और दंडात्मक कार्रवाई करने की बात कही।

विवाद बढ़ा तो धीरेंद्र शास्त्री ने मांगी माफी

लगातार हो रही आलोचना के बीच धीरेंद्र शास्त्री ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि वह खुद भगवान श्रीकृष्ण के भक्त हैं और उनकी बात को गलत तरीके से समझा गया। शास्त्री ने सफाई दी कि उन्होंने यह बात भावावेश में कही थी और उनका उद्देश्य भगवान राम और कृष्ण के बीच भेद पैदा करना नहीं था। उन्होंने यह भी कहा कि अगर उनकी बात से किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची है तो वह इसके लिए क्षमा मांगते हैं। उन्होंने दोनों भगवानों को एक बताते हुए लोगों से उनके बयान का गलत अर्थ नहीं निकालने की अपील की।

Location :  Lucknow

Published :  2 November 2026, 8:08 PM IST

Advertisement