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रायबरेली के सरेंनी सीएचसी पर आशा बहुओं ने चार सूत्री मांगों को लेकर धरना-प्रदर्शन किया। मानदेय बढ़ाने, राज्य कर्मचारी का दर्जा, नियमितीकरण और पेंशन की मांग को लेकर पूर्व विधायक को ज्ञापन सौंपा गया।
चार सूत्री मांगों का ज्ञापन
Raebareli: रायबरेली में स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ मानी जाने वाली आशा बहुएं एक बार फिर अपने हक और सम्मान की मांग को लेकर सड़कों पर उतरीं। बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेंनी पर आशा बहू वर्कर्स यूनियन के बैनर तले दर्जनों आशा बहुओं ने धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई और चार सूत्री मांगों को लेकर प्रशासन और सरकार का ध्यान खींचने की कोशिश की गई। आशा बहुओं का कहना है कि वर्षों से वे स्वास्थ्य सेवाओं में अहम भूमिका निभा रही हैं, लेकिन बदले में उन्हें आज भी उपेक्षा ही मिल रही है।
बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरेंनी परिसर में आशा बहू वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व में आशा बहुओं ने जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। धरने का नेतृत्व यूनियन की अध्यक्ष गीता सिंह ने किया। प्रदर्शन के दौरान आशा बहुएं एकजुट नजर आईं और अपनी मांगों को लेकर सरकार के खिलाफ नारे लगाए। आशा बहुओं का कहना था कि वे मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार नियोजन और सरकारी योजनाओं को गांव-गांव तक पहुंचाने का काम करती हैं, लेकिन उनकी मेहनत के अनुसार उन्हें न तो मानदेय मिलता है और न ही कोई स्थायी सुविधा।
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धरने के दौरान भाजपा के पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह मौके पर पहुंचे। आशा बहुओं की ओर से उन्हें चार सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में मांग की गई कि आशा बहुओं को प्रतिमाह 15 हजार से 20 हजार रुपये तक एकमुश्त मानदेय दिया जाए, उन्हें राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले, सेवाओं का नियमितीकरण किया जाए और भविष्य सुरक्षा के लिए पेंशन की सुविधा प्रदान की जाए।
इस मौके पर यूनियन अध्यक्ष गीता सिंह ने कहा कि आशा बहुएं दिन-रात, गर्मी, बरसात और कड़ाके की ठंड में भी पूरी ईमानदारी से काम करती हैं। उन्होंने कहा कि गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं तभी सुचारू रूप से चल पा रही हैं, जब आशा बहुएं अपनी जिम्मेदारी निभा रही हैं। इसके बावजूद उन्हें बेहद कम प्रोत्साहन राशि दी जाती है। जिससे परिवार चलाना मुश्किल हो जाता है। कई बार हालात ऐसे हो जाते हैं कि उन्हें पेट दबाकर सोना पड़ता है। ऐसे में सरकार को उनकी मांगों को गंभीरता से लेना चाहिए।
वहीं पूर्व विधायक धीरेंद्र बहादुर सिंह ने आशा बहुओं की मांगों को जायज बताते हुए कहा कि वे इस ज्ञापन को मुख्यमंत्री और रायबरेली के मुख्य चिकित्सा अधिकारी तक पहुंचाएंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि आशा बहुओं की आवाज को शासन स्तर पर उठाया जाएगा।
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धरना-प्रदर्शन में नीता रानी मौर्य, शिवकांति, संतोष कुमारी, मंजरी देवी, लक्ष्मी कुमारी, रेनू, विमला, सुमन सहित बड़ी संख्या में आशा बहुएं मौजूद रहीं। सभी ने एक स्वर में कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होंगी, उनका आंदोलन जारी रहेगा।