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मेरठ के विद्यार्थी खादी भंडार में तैयार ब्लैक कोट को पहनते नजर आए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव, 20 दिन में पूरा हुआ खास सियासी सफर।
अखिलेश यादव ने पहना मेरठ में बना कोट
Noida: सियासत में कपड़े सिर्फ पहनावे नहीं होते, वे संदेश भी देते हैं। समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव का एक कोट इन दिनों सियासी गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। मेरठ में देखा गया एक ब्लैक खादी कोट, 20 दिन की प्रक्रिया के बाद आखिरकार अखिलेश यादव तक पहुंचा और शनिवार को लखनऊ में उन्होंने उसे खुद पहन भी लिया। यह सिर्फ एक कोट नहीं, बल्कि खादी, कारीगरी और यूपी की सियासत का खास मेल बन गया।
मेरठ का कोट, लखनऊ तक का सफर
पूरा मामला 16 दिसंबर का है, जब मेरठ के वार्ड नंबर-14 से जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक दिल्ली में अखिलेश यादव से मिलने पहुंचे थे। उस दौरान सम्राट मलिक ने ब्लैक कलर का खादी कोट पहन रखा था। बातचीत के दौरान अखिलेश यादव की नजर उस कोट पर पड़ी और उन्होंने उसकी खुलकर तारीफ की। यहीं से उस कोट की कहानी शुरू हो गई।
अखिलेश ने जताई थी कोट पहनने की इच्छा
दिल्ली में मुलाकात के दौरान अखिलेश यादव ने कहा था कि उन्हें भी ऐसा ही कोट चाहिए। यह कोट मेरठ के प्रसिद्ध विद्यार्थी खादी भंडार का बना हुआ था। अखिलेश की पसंद सामने आते ही सम्राट मलिक ने इसे खास तौर पर तैयार कराने का फैसला किया।
लखनऊ पहुंची मेरठ की टीम
21 दिसंबर को जिला पंचायत सदस्य सम्राट मलिक, विद्यार्थी खादी भंडार के मालिक वैभव शर्मा और टेलर लखनऊ पहुंचे। सपा कार्यालय में अखिलेश यादव का नाप लिया गया। वैभव शर्मा अपने साथ कई तरह के कपड़े लेकर गए थे, लेकिन अखिलेश यादव ने कपड़े चुनने की जिम्मेदारी खुद वैभव को सौंप दी।
मेरिनो वूल से बना खास ब्लैक कोट
23 दिसंबर को अखिलेश यादव के कोट के लिए मेरिनो वूल का कपड़ा फाइनल किया गया। 24 दिसंबर से सिलाई का काम शुरू हुआ और करीब एक हफ्ते में कोट पूरी तरह तैयार हो गया। 1 जनवरी को कोट बनकर तैयार हुआ, जिसे 3 जनवरी को लखनऊ स्थित सपा कार्यालय में अखिलेश यादव को भेंट किया गया।
कोट पहनते ही बोले- बहुत शानदार है
शनिवार को सम्राट मलिक, वैभव शर्मा, प्रोडक्शन हेड लोकेश रोहेला और टेलर वाजिद सपा कार्यालय पहुंचे। अखिलेश यादव ने जैसे ही कोट पहना, उन्होंने कहा कि यह कोट बहुत ही शानदार है। उन्होंने यह भी कहा कि वे वैसे तो खादी ही पहनते हैं, लेकिन अगली बार मेरठ आने पर विद्यार्थी खादी भंडार की दुकान पर जरूर जाएंगे।