ईरान पर हमले के बाद छिड़े युद्ध का असर: जंग की आग में फंसा मेरठ का एक्सपोर्ट, हजारों करोड़ का माल अटका

ईरान पर हमले के बाद शुरू हुए युद्ध का असर मेरठ के उद्योगों पर दिखने लगा है। लाल सागर मार्ग बंद होने से हजारों करोड़ का एक्सपोर्ट और इंपोर्ट माल समुद्र में फंसा हुआ है, जिससे लागत और उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

Post Published By: Mayank Tawer
Updated : 3 March 2026, 6:06 AM IST
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Meerut: इजराइल और अमेरिका के ईरान पर हमले के बाद शुरू हुए युद्ध ने मेरठ के उद्योगों की रफ्तार पर अचानक ब्रेक लगा दिया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि यहां से अमेरिका, यूरोप और मिडिल ईस्ट जाने वाला हजारों करोड़ का एक्सपोर्ट माल समुद्री रास्ते में ही अटक गया है। जो कंटेनर पहले लाल सागर के रास्ते खाड़ी देशों से होते हुए आगे बढ़ते थे, अब वहां से गुजरने की कोई शिपिंग कंपनी जोखिम लेने को तैयार नहीं है।

उद्यमियों का कहना है कि यह संकट सिर्फ बाहर भेजे जाने वाले माल तक सीमित नहीं है। दूसरी ओर से आने वाला कच्चा माल भी बीच रास्ते में फंसा हुआ है। अनिश्चितता इतनी है कि कई कंपनियों ने नया माल भेजना और मंगवाना फिलहाल रोक दिया है।

हजारों करोड़ का व्यापार अटका

आईआईए मेरठ चैप्टर के अध्यक्ष अंकित सिंघल के मुताबिक मिडिल ईस्ट में खाद्यान्न, टेक्सटाइल और कई अन्य उत्पादों की बड़ी सप्लाई मेरठ से होती है। वहां बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं, जो भारत से भेजे गए सामान की खरीद करते हैं। ईरान को भी भारत से हजारों करोड़ का सामान जाता है। युद्ध शुरू होते ही जहाज जहां थे, वहीं रुक गए।

पूर्व अध्यक्ष तनुज गुप्ता का कहना है कि उनके उद्योग के लिए यूएस और यूरोप से आने वाला मैटल स्क्रैप रास्ते में फंसा है। अगर वैकल्पिक समुद्री रास्ते से माल मंगाया जाए तो प्रति कंटेनर करीब 2800 डॉलर अतिरिक्त किराया देना होगा। इससे लागत कई गुना बढ़ जाएगी और समय भी ज्यादा लगेगा।

दुबई पोर्ट और लाल सागर का संकट

दुबई पोर्ट को दुनिया का बड़ा ट्रांजिट हब माना जाता है। वहां की गतिविधियां प्रभावित होने से पूरी सप्लाई चेन गड़बड़ा गई है। परतापुर इंडस्ट्रियल एस्टेट मैन्युफैक्चरर एसोसिएशन के अध्यक्ष निपुण जैन के अनुसार मेरठ से खेल सामग्री, मशीनें और खाद्य उत्पाद बड़ी मात्रा में लाल सागर के रास्ते निर्यात होते हैं। फिलहाल सबकुछ लगभग ठप है।

खेल उद्योग पर भी असर

मेरठ का खेल उद्योग खास तौर पर प्रभावित हुआ है। स्टैग इंटरनेशनल के निदेशक राकेश कोहली ने बताया कि यूएस को बड़ी मात्रा में खेल सामग्री यहीं से जाती है। तेल की कीमतों में उछाल और शेयर बाजार में गिरावट ने हालात और मुश्किल कर दिए हैं। मेरठ से खेल उत्पादों का एक्सपोर्ट तीन हजार करोड़ से ज्यादा का है और सरकार इसे 25 हजार करोड़ तक ले जाने की योजना बना रही है। लेकिन मौजूदा हालात ने इस लक्ष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

नेल्को स्पोर्ट्स के निदेशक अंबर आनंद के मुताबिक शिपिंग रूट बदलने से लागत बढ़ गई है। हवाई यात्रा का किराया भी तीन से चार गुना तक पहुंच गया है। अगर युद्ध लंबा चला तो हर महीने सैकड़ों करोड़ का नुकसान तय माना जा रहा है।

Location : 
  • Meerut

Published : 
  • 3 March 2026, 6:06 AM IST

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