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दादरी में समाजवादी पार्टी ने ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली के जरिए चुनावी अभियान की शुरुआत की। सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए रैलियों में भीड़ जुटाने, सरकारी कर्मचारियों के इस्तेमाल और एयरपोर्ट मुद्दे पर सवाल उठाए। रैली में भारी भीड़ और जोश देखने को मिला।
रैली के मंच पर अखिलेश यादव (Img: Dynamite News)
Greater Noida: दादरी की सियासी जमीन पर इस वक्त हालात किसी बड़े टकराव की कहानी जैसे बनते दिख रहे हैं। एक दिन पहले आरोपों की आग भड़की, तो अगले ही दिन जवाबी हमले ने माहौल को और गरमा दिया। भीड़, नारे और मंच से निकलते तीखे शब्द- सब कुछ इस बात का संकेत दे रहे थे कि चुनावी जंग अब खुलकर सड़क पर उतर चुकी है। इसी माहौल में जब अखिलेश यादव मंच पर पहुंचे, तो उनके हर शब्द में चुनौती, हर बयान में हमला और हर लाइन में सियासी रणनीति साफ नजर आई।
भारतीय जनता पार्टी की रैली के बाद रविवार को समाजवादी पार्टी ने भी अपनी ताकत दिखाते हुए चुनावी अभियान का आगाज कर दिया। दादरी में ‘समाजवादी समानता भाईचारा’ रैली का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में समर्थक पहुंचे।
अखिलेश यादव ने अपने संबोधन की शुरुआत रैली के माहौल की तारीफ से की। उन्होंने कहा कि पंडाल पूरी तरह भरा हुआ है और उसकी बनावट ऐसी है कि हर तरफ लाल रंग ही नजर आ रहा है। उन्होंने इसके लिए सपा नेता राजकुमार भाटी की सराहना भी की और कहा कि इस आयोजन ने पार्टी की ताकत और कार्यकर्ताओं की मेहनत को दिखा दिया है।
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अखिलेश यादव ने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि सपा की रैली की चर्चा ने कई लोगों के “होश उड़ा दिए।” उन्होंने कहा कि इसी वजह से विरोधी दल को मजबूरी में सपा की रैली से पहले अपनी रैली करनी पड़ी। उन्होंने यह भी दावा किया कि एक दिन पहले हुई रैली की “पोल खुल चुकी है” और अब कोई भी चीज कैमरों से छिप नहीं सकती। उनके मुताबिक, उस रैली में लोग अपनी मर्जी से नहीं आए थे, बल्कि उन्हें लाया गया था।
अपने भाषण में अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जो पार्टी खुद को दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी बताती है, उसे अपनी रैली के लिए सरकारी कर्मचारियों का सहारा लेना पड़ा। उन्होंने यह भी कहा कि कुछ संस्थानों से छात्रों को बुलाया गया और उन्हें रैली में शामिल होने के बाद छुट्टी देने का लालच दिया गया। उन्होंने लोगों से इस बात की जांच करने की अपील भी की और दावा किया कि जहां-जहां से छात्र आए थे, उन्हें बाद में लंबी छुट्टी दी गई।
अखिलेश यादव ने सरकार पर हमला करते हुए एयरपोर्ट के मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि इस सरकार में पहले भी कई एयरपोर्ट का उद्घाटन हुआ, लेकिन सात में से छह बंद हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कम से कम नए एयरपोर्ट के उद्घाटन के समय यह वादा तो किया जाना चाहिए था कि उसे बेचा नहीं जाएगा।
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इस रैली से एक दिन पहले प्रधानमंत्री द्वारा किए गए हमलों का जवाब भी अखिलेश यादव ने दिया। उन्होंने सीधे तौर पर तो नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान साफ तौर पर उसी दिशा में इशारा कर रहे थे। गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने अपनी रैली में समाजवादी पार्टी पर निशाना साधते हुए नोएडा को “एटीएम” बनाने का आरोप लगाया था और विकास के मुद्दे पर भी सवाल उठाए थे।