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सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने शेयर किया एआई वीडियो (Img: Dynamite News)
Lucknow: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी का मामले को लेकर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक बार फिर सवाल उठाया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भगवान श्रीराम का एक AI से तैयार किया गया वीडियो साझा किया और उसके साथ लिखा, "क्या फिर चले गए वनवास?"
अखिलेश यादव द्वारा शेयर किया गया करीब 4 मिनट 40 सेकेंड का वीडियो किसी सामान्य पोस्ट की तरह नहीं है। इसे सिनेमाई अंदाज में तैयार किया गया है, जिसमें अयोध्या का शांत माहौल, राम मंदिर और भगवान श्रीराम की AI से बनाई गई छवि दिखाई गई है। वीडियो में गंभीर संगीत और भावनात्मक दृश्य हैं, जो यह संदेश देने की कोशिश करते हैं कि मंदिर में हुई कथित चोरी ने श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है।
वीडियो के अगले हिस्से में मंदिर परिसर का वह हिस्सा दिखाया गया है, जहां कथित तौर पर चढ़ावे से जुड़ी गड़बड़ी सामने आई थी। इसमें बड़ा दानपात्र, आसपास का क्षेत्र और कुछ प्रतीकात्मक दृश्य शामिल किए गए हैं। आखिर में अयोध्या के साधु-संत और स्थानीय लोग हाथ जोड़कर खड़े दिखाई देते हैं, जबकि भगवान श्रीराम की आकृति नगर की सीमा की ओर बढ़ती नजर आती है।
क्या फिर से चले गये वनवास? pic.twitter.com/qb6ac3q1xY
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) July 3, 2026
दूसरी ओर, इस मामले में पुलिस और प्रशासन की जांच लगातार आगे बढ़ रही है। जांच एजेंसियों ने मुख्य आरोपी अनुकल्प मिश्रा समेत सात आरोपियों के घरों पर एक साथ छापेमारी की। करीब दो घंटे चली कार्रवाई के दौरान घरों की अलमारियों, बक्सों और अन्य स्थानों की बारीकी से तलाशी ली गई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अनुकल्प मिश्रा ने अपने घर पर सात दिनों की भव्य रामकथा का आयोजन कराया था। बताया जा रहा है कि इस कार्यक्रम पर 50 लाख रुपये से ज्यादा खर्च किए गए थे। जांच एजेंसियां अब इस खर्च के स्रोत की भी पड़ताल कर रही हैं।
पूरा मामला 5 जून 2026 को सामने आया, जब राम मंदिर परिसर में नियमित जांच के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने कुछ कर्मचारियों के पास से नकदी बरामद की। शुरुआती जांच के बाद 7 जून को यह मामला सार्वजनिक हुआ तो विपक्ष ने सरकार से जवाब मांगा। अखिलेश यादव ने उसी समय सोशल मीडिया पर इस मुद्दे को उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
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विपक्ष के आरोपों और बढ़ते जनदबाव के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून 2026 को तीन सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन किया। इस टीम को पूरे मामले की जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। एसआईटी अब आरोपियों की संपत्तियों, बैंक लेनदेन और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस मामले में कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं था।
Location : Lucknow
Published : 4 July 2026, 12:27 PM IST