हिंदी
राम मंदिर मुद्दे पर सपा का बड़ा बयान (Img: Pinterest)
Lucknow: उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी (सपा) अपनी राजनीतिक रणनीति में बदलाव के संकेत दे रही है। पार्टी अब राम मंदिर में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अयोध्या के धार्मिक विकास को संभावित चुनावी घोषणापत्र में शामिल करने की तैयारी कर रही है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह कदम पारंपरिक पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) समीकरण के साथ धार्मिक भावनाओं से जुड़े मतदाताओं तक पहुंच बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
राम मंदिर आंदोलन के दौरान कारसेवकों पर गोली चलने की घटना और बाबरी मस्जिद विध्वंस को लेकर भाजपा तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ पर लंबे समय तक हमलावर रही सपा अब राम मंदिर से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता देती दिखाई दे रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, घोषणापत्र में मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई का वादा किया जा सकता है। साथ ही अयोध्या को 'सियाराम धाम' के रूप में विकसित करने की बात भी शामिल किए जाने के संकेत हैं।
गोरखपुर पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल, इन निरीक्षकों और उपनिरीक्षकों को मिली जिम्मेदारी
सपा लगातार राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मुद्दे पर भाजपा सरकार को घेर रही है। हालांकि भाजपा ने इसे चुनावी अवसरवाद करार देते हुए पलटवार किया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि आस्था के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। भाजपा नेता अखिलेश यादव से यह सवाल भी उठा रहे हैं कि वह अब तक राम मंदिर दर्शन के लिए क्यों नहीं गए और कारसेवकों पर गोली चलाने की घटना की भी याद दिला रहे हैं।
लोकसभा चुनाव में पीडीए समीकरण के सहारे बेहतर प्रदर्शन के बाद सपा अब हिंदू मतदाताओं के बीच भी अपनी स्वीकार्यता बढ़ाने की रणनीति पर काम करती दिख रही है। पार्टी केवल चढ़ावे की कथित गड़बड़ियों का मुद्दा नहीं उठा रही, बल्कि मंदिर प्रशासन में पारदर्शिता और अयोध्या के धार्मिक एवं पर्यटन विकास को भी अपने चुनावी एजेंडे का हिस्सा बनाने की तैयारी में है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे पर गड्ढों को लेकर राकेश टिकैत का बड़ा बयान, बोले-
सिर्फ सपा ही नहीं, बल्कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी भी विभिन्न राज्यों में मंदिरों के चढ़ावे और धार्मिक संस्थाओं में कथित भ्रष्टाचार के मुद्दे पर भाजपा को घेरने की कोशिश कर रही हैं। विपक्ष का मानना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही का मुद्दा चुनावी राजनीति में प्रभाव डाल सकता है।
Location : Lucknow
Published : 4 July 2026, 7:57 AM IST
Topics : Ayodhya Ram Mandir Samajwadi Party