गांव हो तो ऐसा… सड़क हादसे के बाद बेसहारा हुई मां, गांव वालों ने चंदा जुटाकर बचाई जिंदगी

आगरा के बिचपुरी में हुए दर्दनाक सड़क हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। ऑटो और एंबुलेंस की टक्कर में पति और दो बेटों की मौत हो गई, जबकि मां और छोटा बेटा जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार की मदद के लिए गांव वालों ने चंदा जुटाकर इंसानियत की मिसाल पेश की।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 14 May 2026, 12:02 PM IST
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Agra: आगरा के बोदला-बिचपुरी मार्ग पर रविवार सुबह हुआ भीषण सड़क हादसा सदरवन गांव के एक परिवार के लिए जिंदगीभर का दर्द बन गया। दिल्ली में ऑटो चलाकर परिवार का पालन-पोषण करने वाले नेम सिंह (36) अपने परिवार के साथ गांव आ रहे थे। उन्हें अपनी चचेरी बहन सरिता की शादी में शामिल होना था, लेकिन रास्ते में हुए हादसे ने सब कुछ बदल दिया।

बताया गया कि रविवार सुबह करीब आठ बजे बिचपुरी स्थित शनिदेव मंदिर के पास उनका ऑटो अनियंत्रित होकर एंबुलेंस से टकरा गया। टक्कर इतनी जोरदार थी कि नेम सिंह और उनके दो बेटों शिवम (15) और निखिल उर्फ गोविंदा (10) की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में पत्नी कांता और सबसे छोटा बेटा प्रशांत गंभीर रूप से घायल हो गए।

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आर्थिक तंगी के बीच इलाज बना बड़ी चुनौती

परिवार पहले से ही आर्थिक तंगी से जूझ रहा था। नेम सिंह दिल्ली में ऑटो चलाकर किसी तरह घर का खर्च चलाते थे। हादसे के बाद घायल कांता और प्रशांत के इलाज के लिए तुरंत पैसों की जरूरत पड़ी, लेकिन परिवार के पास पर्याप्त धनराशि नहीं थी। सरकारी स्वास्थ्य योजना का लाभ भी उन्हें नहीं मिल सका, क्योंकि परिवार का आयुष्मान कार्ड नहीं बना था।

मृतक के बड़े भाई थान सिंह ने बताया कि निजी अस्पताल में इलाज शुरू कराने के लिए तत्काल रकम जुटाना मुश्किल हो गया था। गांव में जैसे ही यह बात फैली, ग्रामीण मदद के लिए आगे आने लगे। लोगों ने मिलकर करीब एक लाख रुपये का चंदा इकट्ठा किया, जिसके बाद इलाज शुरू कराया जा सका।

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मां को अब तक नहीं बताई गई पति और बेटों की मौत

नेम सिंह के छोटे भाई नरेंद्र सिंह ने बताया कि कांता के दोनों हाथों में गंभीर चोटें आई हैं। एक हाथ का ऑपरेशन बुधवार को किया गया जबकि दूसरे हाथ का ऑपरेशन दो दिन बाद होना है। परिवार ने अभी तक कांता को उसके पति और दो बेटों की मौत की जानकारी नहीं दी है।

वहीं घायल प्रशांत की हालत में अब सुधार बताया जा रहा है और डॉक्टरों के अनुसार उसे जल्द अस्पताल से छुट्टी मिल सकती है। गांव में इस हादसे के बाद शोक का माहौल है, लेकिन ग्रामीणों की मदद ने मुश्किल समय में इंसानियत की एक बड़ी मिसाल भी पेश की।

Location :  Agra

Published :  14 May 2026, 12:02 PM IST

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