Aligarh Fake Medicine Racket: नामी ब्रांड के नाम पर जहर का कारोबार! 4 जिलों की टीम ने खोला बड़ा राज

नामी दवा कंपनियों के नाम पर चल रहे एक बड़े खेल ने जांच एजेंसियों को चौंका दिया है। आगरा से शुरू हुई जांच अब अलीगढ़ तक पहुंच गई है, जहां एक थोक कारोबारी से जुड़े कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर यह नकली दवाओं का नेटवर्क कितना बड़ा है और कौन-कौन इसमें शामिल है?

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 14 May 2026, 12:00 PM IST
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Aligarh: उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में नकली दवाओं के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है, जिसने पूरे औषधि विभाग को सतर्क कर दिया है। मामला तब सामने आया जब आगरा में एक आरोपी से बरामद दवाओं की जांच में पाया गया कि वे किसी नामी उत्तराखंड की दवा कंपनी के नाम पर बेची जा रही थीं, जबकि असल में कंपनी का इनसे कोई संबंध ही नहीं था।

जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी, इसके तार अलीगढ़ से जुड़ते चले गए। इसके बाद आगरा, गाजियाबाद, अलीगढ़ और मथुरा की संयुक्त औषधि विभाग टीमों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाया और अलीगढ़ के एक दवा कारोबारी, उसके बेटे और ड्राइवर से लंबी पूछताछ की।

आगरा में खुला पहला सुराग

आगरा में दवा बिक्री के दौरान पकड़े गए एक आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने चौंकाने वाला खुलासा किया। उसने बताया कि नकली दवाओं की सप्लाई उसे अलीगढ़ के एक थोक दवा कारोबारी से मिलती थी। इसी बयान के बाद पूरे नेटवर्क की परतें खुलनी शुरू हुईं। औषधि निरीक्षकों ने जब बरामद दवाओं की जांच की तो पाया कि उन पर लगी पैकिंग और लेबल पूरी तरह फर्जी थे। कंपनी की ओर से भी साफ कर दिया गया कि इन दवाओं का उत्पादन या बिक्री उनसे जुड़ी नहीं है।

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12 घंटे तक चली पूछताछ

वहीं सूचना के आधार पर मंगलवार रात संयुक्त टीम ने अलीगढ़ के फफाला मार्केट स्थित थोक दुकान और रामघाट रोड स्थित आवास पर छापेमारी की। यहां से मुख्य संदिग्ध, उसके बेटे और ड्राइवर को हिरासत में लिया गया। तीनों को थाना क्वार्सी लाकर करीब 12 घंटे तक पूछताछ की गई। बुधवार सुबह उन्हें छोड़ दिया गया, लेकिन विभाग ने उनके बयान और दस्तावेज कब्जे में लेकर जांच जारी रखी है।

अधिकारियों के मुताबिक अब यह पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाएं वास्तव में बनाई कहां जा रही हैं और इस पूरे सिंडिकेट में कितने लोग शामिल हैं।

पहले भी लग चुके हैं आरोप

जिस दवा कारोबारी पर जांच चल रही है, उसका व्यापार लगभग चार दशक पुराना बताया जा रहा है। हालांकि उसका नाम पहले भी विवादों में रहा है। कई साल पहले नगर निगम ने उसकी दुकान सील की थी। इसके अलावा नामी दवा कंपनियों ने भी उसके खिलाफ शिकायतें दर्ज कराई थीं।

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कंपनियों का आरोप था कि उनके ब्रांड का गलत इस्तेमाल कर नकली दवाएं बाजार में बेची जा रही हैं। अब एक बार फिर वही नेटवर्क सामने आने से सवाल उठ रहे हैं कि यह धंधा कितने लंबे समय से चल रहा था।

आगे और खुलासों की उम्मीद

औषधि विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह मामला बेहद गंभीर है क्योंकि इसमें लोगों की सेहत से सीधा खिलवाड़ किया जा रहा था। आगरा के औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा के अनुसार जांच अभी जारी है और सभी साक्ष्यों का मिलान किया जा रहा है। अधिकारियों का मानना है कि आने वाले दिनों में इस नकली दवा नेटवर्क से जुड़े और नाम सामने आ सकते हैं।

Location :  Aligarh

Published :  14 May 2026, 12:00 PM IST

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