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अमेठी में दो साल पुरानी गुमशुदगी का मामला हत्या में बदल गया। 5500 रुपये के विवाद में युवक की हत्या कर शव नहर में फेंक दिया गया था। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल और हत्या में प्रयुक्त पाइप बरामद कर लिया है।
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Amethi: अमेठी में दो साल पुरानी गुमशुदगी की फाइल जब खुली तो अंदर से एक खौफनाक सच निकला। जिस शख्स को परिवार वाले आज तक लापता समझ रहे थे, उसकी कहानी हत्या में बदल चुकी थी। 5500 रुपये के मामूली विवाद ने दोस्ती को दुश्मनी में बदल दिया और फिर एक युवक की जान ले ली गई। पुलिस की लगातार पड़ताल के बाद अब इस केस से पर्दा उठ गया है।
अमेठी जिले के गौरीगंज थाना क्षेत्र के पूरे खिचरन मजरे जगदीशपुर निवासी पवन कुमार सिंह साल 2024 में अचानक लापता हो गए थे। परिजनों ने थाने में सूचना दी कि 16 अक्टूबर 2024 की शाम गांव का ही हंसराज यादव अपने साथियों के साथ घर आया और पवन को साथ लेकर चला गया, लेकिन वह फिर लौटकर नहीं आया। इस सूचना पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू की।
जांच में सामने आया चौंकाने वाला सच
पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी के मुताबिक, मामले की तफ्तीश में कई अहम सुराग मिले। संदेह के आधार पर पवन कुमार यादव नामक युवक से पूछताछ की गई तो उसने बताया कि नामजद आरोपी हंसराज यादव ने ही पवन सिंह की हत्या कर शव को नहर में फेंक दिया था। बयान के आधार पर पुलिस ने दबिश देकर हंसराज यादव को गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में हंसराज ने बताया कि वह और मृतक पहले से परिचित थे और एक-दूसरे के घर आना-जाना था। घटना वाले दिन तीनों साथ घूमे-फिरे। शाम करीब सात बजे रास्ते में हंसराज ने पवन पर जेब से 5500 रुपये निकाल लेने का आरोप लगाया। इसी बात पर दोनों में कहासुनी हुई और गुस्से में आकर हंसराज ने लोहे की पाइप से पवन के सिर पर वार कर दिया। गिरने के बाद लगातार वार कर उसकी हत्या कर दी और शव नहर में फेंक दिया।
बरामद हुई मोटरसाइकिल और आलाकत्ल
अगले दिन हंसराज ने अपने साथी पवन कुमार यादव को पूरी बात बताई और दोनों ने मिलकर मृतक की मोटरसाइकिल और लोहे की पाइप छिपा दी। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर नहर पटरी के पास से आलाकत्ल पाइप और ससुराल के कमरे से मृतक की पैशन प्रो मोटरसाइकिल बरामद की। गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर संबंधित धाराओं में बढ़ोतरी कर विधिक कार्रवाई की जा रही है।
दो साल से उलझी यह गुत्थी अब सुलझ चुकी है। यह मामला बताता है कि मामूली रकम और एक पल का गुस्सा किस तरह जिंदगी खत्म कर देता है, लेकिन कानून के हाथ आखिरकार अपराधियों तक पहुंच ही जाते हैं।