हिंदी
इंस्टाग्राम ने अपने लाइव-स्ट्रीमिंग फीचर में बड़ा बदलाव करते हुए इसे केवल 1,000 या उससे अधिक फॉलोअर्स वाले यूज़र्स के लिए ही सीमित कर दिया है। यह कदम छोटे क्रिएटर्स के लिए चुनौती बन सकता है। साथ ही, युवा यूज़र्स की सुरक्षा के लिए भी कंपनी ने नए DM फीचर्स लॉन्च किए हैं।
इंस्टाग्राम लाइव अपडेट (Img: Pinterest)
New Delhi: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम ने अपने लाइव-स्ट्रीमिंग फीचर को लेकर एक बड़ा बदलाव किया है। अब केवल वे यूज़र्स ही लाइव जा सकेंगे जिनके अकाउंट पर कम से कम 1,000 फॉलोअर्स हैं। यह नई नीति हाल ही में भारत में लागू की गई नई डायरेक्ट मैसेजिंग (DM) और ब्लॉकिंग सुविधाओं के बाद सामने आई है।
इस बदलाव का सीधा असर छोटे कंटेंट क्रिएटर्स और नए यूज़र्स पर पड़ेगा, जो अब तक लाइव आकर अपनी ऑडियंस से जुड़ने की कोशिश करते थे। नए नियमों के तहत अब उन्हें पहले 1,000 फॉलोअर्स हासिल करने होंगे, तभी वे इस फीचर का उपयोग कर सकेंगे।
कंपनी ने नहीं दी आधिकारिक वजह
इंस्टाग्राम ने इस पॉलिसी में बदलाव की कोई स्पष्ट वजह तो नहीं बताई, लेकिन माना जा रहा है कि यह फैसला प्लेटफॉर्म पर सर्वर लोड कम करने और संसाधनों की बचत के लिहाज़ से लिया गया है। लाइव स्ट्रीमिंग के दौरान डेटा और सर्वर की भारी खपत होती है, जिसे कंट्रोल करने के लिए इस तरह की सीमाएं लागू की गई हैं।
आपत्तिजनक कंटेंट पर रोक लगाने की कोशिश
कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह बदलाव आपत्तिजनक या अश्लील कंटेंट को लाइव स्ट्रीम के ज़रिए फैलने से रोकने के लिए किया गया है। अब यदि कोई यूज़र किसी नियम का उल्लंघन करता है और बैन होता है, तो उसे फिर से लाइव करने के लिए 1,000 फॉलोअर्स की ज़रूरत होगी। इससे फीचर का दुरुपयोग सीमित किया जा सकेगा।
अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसी नीति
इंस्टाग्राम का यह कदम बिल्कुल यूट्यूब और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म्स की नीतियों से मेल खाता है। उदाहरण के लिए, यूट्यूब पर मोबाइल से लाइव जाने के लिए कम से कम 50 सब्सक्राइबर्स की ज़रूरत होती है, जबकि टिकटॉक पर यह सीमा 1,000 फॉलोअर्स की है।
किशोर यूज़र्स के लिए नए सुरक्षा फीचर्स
इस बदलाव के साथ ही इंस्टाग्राम ने किशोर यूज़र्स के लिए दो नए सुरक्षा फीचर्स भी पेश किए हैं। अब यदि कोई टीनएजर किसी से चैट शुरू करता है even अगर वे एक-दूसरे को फॉलो करते हों, तो इंस्टाग्राम उन्हें सुरक्षा संबंधी टिप्स दिखाएगा। इसमें बताया जाएगा कि सामने वाले की प्रोफाइल को ध्यान से जांचें और निजी जानकारी साझा करने से पहले सोचें।
इसके अलावा, अब चैट विंडो में यह जानकारी भी मिलेगी कि सामने वाला अकाउंट कब बनाया गया था (महीना और साल सहित)। इससे युवा यूज़र्स को फेक या संदिग्ध अकाउंट्स की पहचान करने में आसानी होगी।