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जीसी कानून को लेकर देशभर में मचे बवाल और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हालात को देखते हुए ही यह फैसला लिया है, क्योंकि देशभर में लोग सड़कों पर थे और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
Rakesh Tikait का यूजीसी पर बयान
New Delhi/Lucknow: यूजीसी कानून को लेकर देशभर में मचे बवाल और सुप्रीम कोर्ट द्वारा लगाई गई रोक पर किसान नेता राकेश टिकैत का बड़ा बयान सामने आया है। टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने हालात को देखते हुए ही यह फैसला लिया है, क्योंकि देशभर में लोग सड़कों पर थे और लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे थे।
राकेश टिकैत ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट सब जानता है। उसने देखा कि यूजीसी कानून को लेकर हालात कैसे बिगड़ रहे हैं। देश में स्वर्ण समाज सहित कई वर्गों के लोग सड़कों पर उतर आए थे। जगह-जगह धरना-प्रदर्शन चल रहे थे। ऐसे में कोर्ट ने समय रहते रोक लगाकर सही फैसला लिया है।
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टिकैत ने साफ कहा कि यूजीसी कानून से समाज में झगड़े बढ़ेंगे। उनका कहना था कि अगर किसी कानून से आपसी टकराव, विवाद और हिंसा बढ़ती है, तो उससे देश का नुकसान होता है। जातियों के बीच तनाव बढ़ेगा, लोग आपस में हिंसक होंगे और देश का सामाजिक ताना-बाना बिगड़ेगा।
किसान नेता ने कहा कि देश में लोग पहले से ही आंदोलन और धरनों में उलझे हुए हैं। हर किसी के अपने काम-धंधे हैं, परिवार हैं, लेकिन बार-बार ऐसे कानून लाकर जनता को सड़कों पर लाया जा रहा है। सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि देश आंदोलन में ही रहेगा या विकास भी होगा?
यूजीसी कानून के साथ-साथ राकेश टिकैत ने जनसंख्या नियंत्रण का मुद्दा भी जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने कहा कि आने वाले 50 से 100 साल में जनसंख्या का भयानक विस्फोट होगा, जिसे कोई संभाल नहीं पाएगा। इस पर सरकार को तुरंत सख्त कानून बनाना चाहिए।
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टिकैत ने बेहद कड़ा प्रस्ताव रखते हुए कहा कि दो बच्चों से ज्यादा होने पर मां-बाप को सजा दी जानी चाहिए। तीसरा बच्चा होने पर 10 साल की सजा चौथा बच्चा होने पर 20 साल की सजा उन्होंने कहा कि यह कानून सख्ती से लागू होना चाहिए, तभी जनसंख्या पर नियंत्रण संभव है।
राकेश टिकैत ने कहा कि भारत का संविधान दुनिया का सबसे बेहतरीन संविधान है। देश को धीरे-धीरे संविधान और कानून के दायरे में चलाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ बड़ी ताकतें जनता को जातियों में बांटकर उलझाए रखना चाहती हैं, ताकि देश की संपत्ति पर कब्जा किया जा सके।
टिकैत ने कहा कि आज की राजनीति आम जनता की नहीं, बल्कि व्यापारियों की राजनीति बन चुकी है। जनता को मुद्दों में उलझाकर असली सवालों से ध्यान हटाया जा रहा है। उन्होंने चेताया कि अगर सरकार ने जनसंख्या जैसे गंभीर मुद्दे पर ध्यान नहीं दिया, तो भविष्य में हालात बेकाबू हो जाएंगे। राकेश टिकैत के इस बयान ने यूजीसी कानून, जनसंख्या नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है।