उत्तराखंडः प्राकृतिक आपदा का अब 30 मिनट पहले चलेगा पता, जान-माल को नहीं होगा नुकसान

डीएन ब्यूरो

प्राकृतिक आपदा की मार से तबाही का मंजर झेलने वाले पहाड़ी राज्य उत्तराखंड के लिए राहत की खबर है। अब प्रदेश में बादल फटने,ओलावृष्टि और तूफान आने की सूचना आधे घंटे पहले पता चल सकेगी। मौसम विभाग ने तैयार किया यह उपकरण। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट

ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम (फाइल फोटो)
ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम (फाइल फोटो)

देहरादूनः प्राकृतिक आपदा की मार झेलने वाले पहाड़ी प्रदेश उत्तराखंड को अब किसी भी प्राकृतिक विपदा की जानकारी आधे घंटे पहले पता चल सकेगी। इससे न सिर्फ प्रदेश में जान-माल की हो रही क्षति से राहत मिलेगी बल्कि विपदा का पहले से पता चलने पर लोग अपनी जान बचा पाएंगे। उत्तराखंड को इस विपदा से बचाने के लिए मौसम विभाग ने ऑटोमेटिक वेदर सिस्टम को इजाद किया है।   

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अब इससे इससे पहाड़ी क्षेत्र में बादल फटने, ओलवावृष्टि और तूफान आने की जानकारी आधे घंटे पहले पता चल सकेगी। इससे लोगों को पहले ही अनहोनी को लेकर सूचित किया जा सकेगा। जिससे कि वह सतर्क रहेंगे और इस विपदा से बच सकेंगे।  

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बता दें कि उत्तराखंड में अब तक प्राकृतिक आपदों में सैकड़ों लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। प्रदेश में लोगों की सम्पत्तियों को भी काफी नुकसान पहुंचा है। मौसम विभाग की मानें तो विभाग ने प्रदेश के कुल 95 ब्लॉक में 107 ऑटोमेटिक वेदर स्टेशन (एडब्ल्यूएस) स्थापित किये हैं। विभाग का कहना है कि ये स्टेशन नवंबर से काम करना शुरू कर देंगे।  

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