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नई दिल्लीः रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने शुक्रवार को रेपो रेट में 0.25% कटौती का ऐलान किया। रेपो रेट से जुड़े सभी तरह के कर्ज अब सस्ते हो जाएंगे। मॉनेटरी पॉलिसी कमेटी (एमपीसी) के सभी 6 सदस्यों ने रेट घटाने के पक्ष में वोट दिया। 5 सदस्यों ने 0.25% कटौती का समर्थन किया। एमपीसी के सदस्य रविंद्र ढोलकिया 0.40% कटौती चाहते थे। रेपो रेट वह दर है जिस पर बैंकों को आरबीआई से कर्ज मिलता है। बैंकों को सस्ता कर्ज मिलने से ग्राहकों को भी फायदा होगा। लेकिन, रेपो रेट से लिंक एफडी की ब्याज दरें भी घटेंगी।

जानें क्या रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति बैठक की अहम बातें-
1. रेपो रेट में 5.15 प्रतिशत की कटौती, रिवर्स रेपो रेट भी घटकर 4.90 प्रतिशत रह गई है।
2. रेपो रेट में कटौती से लोगों की लोन ईएमआई कम हो जाएगी।
3. रिजर्व बैंक ने इसके साथ ही चालू वित्त वर्ष के लिए सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में वृद्धि दर के अनुमान को भी 6.9 प्रतिशत से घटाकर 6.1 प्रतिशत कर दिया है।
4. आरबीआई ने कहा मौद्रिक नीति में कटौती का लाभ आगे ग्राहकों तक पहुंचाने का काम आधा-अधूरा हुआ।
5. रेपो दर वह है जिसमें बैंक अपने रोजमर्रा के कामकाज के लिए रिजर्व बैंक से कर्ज लेता है।
6. रेपो दर का यह स्तर मार्च 2010 के बाद सबसे कम है।
7. रेपो दर में कमी से घर और कार ऋण सस्ते हो जायेंगे।
Published : 4 October 2019, 3:05 PM IST
Topics : bussiness home loan loan Monetary Policy RBI रिजर्व बैंक रेपो दर