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लखनऊ: इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) की लखनऊ (Lucknow Bench) खंडपीठ ने प्रतापगढ़ (Pratapgarh) में स्टेट बैंक (State Bank) की लीलापुर शाखा (Lilapur Branch) में हुए पांच करोड़ के घोटाले (Scam) की जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी है। अब तक इस मामले की जांच स्थानीय पुलिस कर रही थी।
पीड़ित ग्राहकों ने पुलिस की जांच से असंतुष्टि जाहिर करते हुए याचिका दायर कर सीबीआई जांच की मांग की थी। यह निर्णय जस्टिस विवेक चौधरी व जस्टिस ओम प्रकाश शुक्ला की पीठ ने मिथिलेश कुमार तिवारी व अन्य की याचिका पर पारित किया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवादादाता के अनुसार बैंक के तत्कालीन अधिकारियों पर आरोप है कि उन्होंने बाहरी लोगों से मिलकर कई ग्राहकों की एफडी को बंधक बनाते हुए चार करोड़ 98 लाख 30 हजार रुपये के ऋण दिए, जिसका ग्राहकों को पता भी नहीं चला। मामले में तत्कालीन शाखा प्रबंधक जयनाथ सरोज को मुख्य अभियुक्त बनाया गया है।
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी पाया कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया के एक जुलाई 2016 के दिशा-निर्देशों के तहत तीन करोड़ से 25 करोड़ रुपये के पब्लिक सेक्टर बैंकों के फ्राड मामलों में सीबीआइ को केस दर्ज करना चाहिए।
कांस्टेबल के तबादले के खिलाफ प्रत्यावेदन तय करने का निर्देश
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने पीएसी कांस्टेबल के मुरादाबाद से आजमगढ़ तबादले के खिलाफ एडीजी, पीएसी मुख्यालय लखनऊ को याची के लंबित प्रत्यावेदन को तय करने का निर्देश दिया है। यह आदेश न्यायमूर्ति जेजे मुनीर ने अवनीश सिद्धू की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
Published : 19 September 2024, 2:22 PM IST
Topics : Allahabad High Court CBI Pratapgarh scam state bank इलाहाबाद हाई कोर्ट घोटाला प्रतापगढ़ सीबीआई स्टेट बैंक