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नई दिल्ली: उत्तराखंड में जोशीमठ के संकट को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की मांग को लेकर एक साधु ने उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ओर से दायर इस याचिका में कहा गया है कि यह घटना बड़े पैमाने पर औद्योगीकरण के कारण हुई है और उत्तराखंड के लोगों को तत्काल आर्थिक सहायता और मुआवजा देने का अनुरोध किया गया है।
याचिका में कहा गया, ‘‘मानव जीवन और उनके पारिस्थितिकी तंत्र की कीमत पर किसी भी विकास की आवश्यकता नहीं है और अगर ऐसा कुछ भी हो रहा है तो यह राज्य और केंद्र सरकार का कर्तव्य है कि इसे तुरंत रोका जाए।’’
जोशीमठ, बद्रीनाथ और हेमकुंड साहिब जैसे प्रसिद्ध तीर्थ स्थलों और अंतर्राष्ट्रीय स्कीइंग गंतव्य औली का प्रवेश द्वार, भूमि धंसने के कारण एक बड़ी चुनौती का सामना कर रहा है।
जोशीमठ धीरे-धीरे दरक रहा है और घरों, सड़कों तथा खेतों में बड़ी-बड़ी दरारें पड़ रही हैं और स्थानीय लोगों का कहना है कि इसमें कई घर धंस गए हैं।
Published : 8 January 2023, 3:04 PM IST
Topics : Joshimath Crisis national disaster plea Supreme Court जोशीमठ भू धंसाव याचिका राष्ट्रीय आपदा सुप्रीम कोर्ट