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मेघालय सरकार की अपील पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला (Img: Pinterest)
New Delhi: राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने मेघालय सरकार की अपील स्वीकार करते हुए उसकी जमानत रद्द कर दी और तीन सप्ताह के भीतर सरेंडर करने का आदेश दिया है। साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने निचली अदालत को निर्देश दिया कि इस चर्चित हत्याकांड का ट्रायल छह महीने के भीतर पूरा किया जाए। यदि तय समय में ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो सोनम दोबारा जमानत के लिए आवेदन कर सकती है।
यह मामला इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हुई हत्या से जुड़ा है। इससे पहले मेघालय हाईकोर्ट ने निचली अदालत द्वारा दी गई सोनम की जमानत को बरकरार रखा था। हाईकोर्ट का मानना था कि गिरफ्तारी प्रक्रिया में तकनीकी खामियां थीं। इस फैसले को मेघालय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी।
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के वकील से पूछा था कि क्या वह स्वेच्छा से सरेंडर करेगी या अदालत जमानत रद्द करने का आदेश दे। बाद में अदालत ने जमानत रद्द करते हुए तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश जारी कर दिया।
मेघालय सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में कहा कि यह हत्या सुनियोजित साजिश का हिस्सा थी। उनके अनुसार, सोनम ने अपने पति को सुनसान इलाके में ले जाकर कथित तौर पर अपने प्रेमी द्वारा भेजे गए लोगों की मदद से हत्या करवाई। सरकार ने यह भी कहा कि यदि जमानत जारी रहती है तो आरोपी के फरार होने की आशंका है।
सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जवाब में सोनम रघुवंशी ने खुद को निर्दोष बताया। उनका कहना था कि पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है और केवल आरोपों के आधार पर उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब इस मामले की अगली बड़ी प्रक्रिया ट्रायल होगी। अदालत ने स्पष्ट किया है कि छह महीने के भीतर सुनवाई पूरी करने का प्रयास किया जाए। यदि तय समय में ट्रायल पूरा नहीं होता है, तो सोनम को दोबारा जमानत याचिका दायर करने का अधिकार होगा।
Location : New Delhi
Published : 23 July 2026, 1:03 PM IST