Ballia: नदी, तालाब, सरोवर के पानी में लाखों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को दिया अर्घ्य

यूपी के बलिया में नदी, तालाब, सरोवर के पानी में लाखों व्रती महिलाओं ने उगते सूर्य को अर्घ्य दिया। पढ़िये डाइनामाइट न्यूज की ये रिपोर्ट।

Updated : 8 November 2024, 9:39 AM IST
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बलिया: जिले में उगते सूर्य को अर्ध्य देने के साथ शुक्रवार को लोक आस्था का चार दिवसीय महापर्व छठ (Chhath) का समापन हो गया। उदित होते ही भगवान भास्कर को नदी, तालाब, सरोवर के पानी में लाखों व्रती महिलाओं ने अर्ध्य देकर पुत्र के दीर्घायु व परिवार के मंगलमय की कामना की। नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों के विभिन्न घाटों पर सूर्य को अर्ध्य देने के बाद व्रती महिलाओं ने घाट व घर पर अपने से बड़ों के पैर छूकर आशीर्वाद प्राप्त किया। तत्पश्चात प्रसाद वितरण कर पारण किया। इस दौरान सुरक्षा के मद्देनजर पुलिसकर्मी के साथ ही गोताखोरों को भी नदियों के पास तैनात किया गया था।

डाइनामाइट न्यूज संवाददाता के मुताबिक कार्तिक मास में सूर्य षष्ठी व्रत पर्व को लेकर नगर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में काफी उत्साह दिखा। बीती बृहस्पतिवार की शाम अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देकर व्रती महिलाओं ने शुक्रवार की भोर में स्नान करने के बाद नदी, तालाब व सरोवर पर पारम्परिक गीत कांच ही बांस के बहंगिया, बहंगी लचकत जाय...गीत गाती गाया। यहां भगवान भास्कर का पूजन-अर्चन किया। तत्पश्चात उदयमान सूर्य को अर्घ्य देकर परिवार के खुशहाली की कामना की। 

सुरक्षा के कड़े इंतजाम
इस दौरान कुछ व्रती महिलाएं पानी में घंटों खड़ी रहीं। सबसे अधिक भीड़ नगर के टाउन हॉल, रामलीला मैदान (Ramleela Maidan), शनिचरी मंदिर, महावीर घाट, लाल घाट, हाइड्रिल कालोनी, हरपुर, मिड्ढी, बिचलाघाट, बेदुआ, राजपूत नेउरी, मिश्र नेउरी, गौशालारोड, भृगु आश्रम, आनंदनगर, संकटमोचन कालोनी, बहादुरपुर, नगर से सटे पौहाड़ीपुर, निधरिया, अगरसंडा, मिड्ढा, भगवानपुर, देवरिया के घाटों पर देखने को मिला। इस दौरान बच्चों ने घाटों के पास जमकर पटाखे छोड़े। आग से बचाव के लिए विभिन्न समितियों द्वारा ड्रम में पानी और बोरियों में बालू भरकर रखा गया था। इसके अलावा ध्वनि यंत्र से समितियों द्वारा बार-बार सुरक्षा की चेतावनी दी जा रही थी। 

Published : 
  • 8 November 2024, 9:39 AM IST

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