भीड़ से जुड़े हादसों का केंद्र बन रहा भारत, पढ़ें हैरान कर देने वाली रिपोर्ट
भारत भीड़ से जुड़े हादसों का तेजी से केंद्र बनता जा रहा है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि धार्मिक समारोहों में भीड़ से जुड़े हादसे होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है। पढ़िये पूरी खबर डाइनामाइट न्यूज़ पर

नयी दिल्ली: भारत भीड़ से जुड़े हादसों का तेजी से केंद्र बनता जा रहा है। एक नए अध्ययन में यह दावा किया गया है। इसमें कहा गया है कि धार्मिक समारोहों में भीड़ से जुड़े हादसे होने की आशंका सबसे ज्यादा रहती है।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, अध्ययनकर्ताओं ने भीड़ से जुड़े हादसों में जान गंवाने वाले और घायल होने वाले लोगों का अब तक का सबसे व्यापक ‘डेटाबेस’ तैयार किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह ‘डेटाबेस’ दुनियाभर में सार्वजनिक आयोजनों में किए जाने वाले सुरक्षा उपायों में सुधार लाने में मददगार साबित होगा।
ऑस्ट्रेलिया स्थित न्यू साउथ वेल्स विश्वविद्यालय और जापान स्थित तोक्यो विश्वविद्यालय के अध्ययनकर्ताओं द्वारा तैयार किए गए इस ‘डेटाबेस’ में 1900 से 2019 के बीच वैश्विक स्तर पर हुए 281 बड़े हादसों का ब्योरा शामिल किया गया है, जिनमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हुई या दस लोग घायल हुए।
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मुख्य अध्ययनकर्ता मिलाद हागनी ने कहा, “भारत और कुछ हद तक पश्चिम अफ्रीका भीड़ से जुड़े हादसों का केंद्र बनते जा रहे हैं। ये तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्र हैं, जिनकी जनसंख्या में लगातार वृद्धि हो रही है और जहां गांवों से शहरों की तरफ लोगों के बढ़ते पलायन के कारण उपलब्ध बुनियादी ढांचा नाकाफी साबित हो रहा है।”
उन्होंने एक बयान में कहा, “उत्तर भारत विशेष रूप से घनी आबादी वाला ऐसा क्षेत्र है, जहां बड़े पैमाने पर धार्मिक आयोजन होते हैं और इनमें रिकॉर्ड संख्या में भीड़ जुटती है।”
‘सेफ्टी साइंस’ पत्रिका में प्रकाशित इस अध्ययन से पता चला है कि भारत में 2000 से 2019 के बीच हुए भीड़ संबंधी 70 फीसदी हादसे धार्मिक आयोजनों से जुड़े हुए थे। इनमें से ज्यादातर हादसे नदियों या किसी जलस्रोत के पास हुए।
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अध्ययन में दावा किया गया है कि पिछले 20 वर्ष में दुनियाभर में भीड़ से जुड़े गंभीर हादसों की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। 1990 से 1999 के बीच ऐसे हादसों की औसत संख्या प्रति वर्ष तीन घटनाएं थीं जो 2010 से 2019 के बीच प्रति वर्ष 12 घटनाएं हो गईं।
रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले 20 वर्ष में दुनियाभर में भीड़ से जुड़े हादसों में लगभग 8,000 लोग मारे गए हैं और 15,000 से अधिक घायल हुए हैं।