इंदिरा की 101वीं जयंती पर पूर्व PM मनमोहन सिंह 'शांति, निरस्त्रीकरण तथा विकास' सम्मान से सम्मानित

डीएन ब्यूरो

देश की प्रथम महिला प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की 101वीं जयंती पर पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को इंदिरा गांधी पुरस्कार से आज जवाहर भवन में सम्मानित किया गया। मनमोहन को यह पुरस्कार भारत के पूर्व मुख्य न्यायाधीश जस्टिस टी.एस ठाकुर ने प्रदान किया। डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में पढ़ें इंदिरा पुरस्कार का महत्व


नई दिल्लीः इंदिरा गांधी की 101वीं जंयती पर सोमवार को दिल्ली के डॉ. राजेंद्र प्रसाद रोड स्थित जवाहर भवन में पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को देश के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिये यहां अंतरराष्ट्रीय शांति एवं निरस्त्रीकरण तथा विकास पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मनमोहन सिंह को यह पुरस्कार उच्चतम न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति टी एस ठाकुर ने प्रदान किया। पुरस्कार समारोह में जूरी के अध्यक्ष एवं पूर्व राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी और कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी भी मौजूद रहीं।     

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पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को यह पुरस्कार 2004 से 2014 तक अपने प्रधानमंत्री के कार्यकाल के रूप में देश की आर्थिक एवं सामाजिक विकास और विश्व में भारत की साख को बनाने के लिये दिया गया है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुये सोनिया गांधी ने कहा कि देश के विकास में डॉ. सिंह ने अपने 10 साल के कार्यकाल में देश में आर्थिक विकास दर को सर्वाधिक ऊंचाई तक पहुंचाया। यहीं नहीं मनमोहन सिंह ने इस दौरान भारत की अर्थव्यवस्था की बुनियाद को भी नई मजबूती प्रदान की।     

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पुरस्कार ग्रहण करने के बाद बोले मनमोहन सिंह- समाज को सफल होने के लिये विविधता को अपनाने की जरूरत 

पुरस्कार ग्रहण करने के बाद मनमोहन सिंह ने कहा कि समाज को सफल होने के लिये विविधता को अपनाना होगा। मौजूदा समय में दुनिया के सामने कई चुनौतियां हैं उनसे निटपने के लिये वैश्विक जिम्मेदारी की जरूरत है। पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा कि आज हम इतिहास के उस मोड़ पर है जहां वैश्विक शासन के सभी संस्थाओं को मजबूत बनाने की सख्त जरूरत है। ताकि बहुपक्षवाद को बढ़ावा दिया जा सके और उन वैश्विक चुनौतियों से निपटा जा सके जिसने अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिये खतरा पैदा किया है।   

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पूर्व PM मनमोह सिंह को मिला इंदिरा गांधी पुरस्कार

 

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इस मौके पर न्यायमूर्ति ठाकुर ने भी कहा कि मनमोहन सिंह में यह बड़ी खूबी है कि वह लोगों की सुनते हैं और यहां तक की वह अपने विरोधियों को भी सुनते हैं। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि अगर मनमोहन सिंह न्यायाधीश होते तो मुझसे बेहतर न्यायाधीश होते। ठाकुर ने कहा कि सोनिया गांधी का प्रधानमंत्री के तौर पर मनमोहन सिंह का चयन करना एक बेहतरीन फैसला था। यह इस मायने से भी महत्वपूर्ण था कि तब उस समुदाय का व्यक्ति प्रधानमंत्री बना था जिसकी आबादी भारत में एक फीसदी है।

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