राजपथ पर नहीं, लाल किले पर मनाया गया था देश का पहला गणतंत्र दिवस

डीएन ब्यूरो

इतिहास में झांकने पर कई दिलचस्प बातें जानने को मिलती हैं। हमारे राष्ट्रीय पर्वों में से एक गणतंत्र दिवस के बारे में भी ऐसी बहुत सी बातें हैं जो आप शायद ही जानते होंगे। जब गणतंत्र दिवस की परेड देखते होंगे तो कभी तो मन में आया होगा कि आखिर पहला गणतंत्र दिवस कहां और कैसे मनाया गया था? डाइनामाइट न्यूज़ की रिपोर्ट में जानें पहले गणतंत्र दिवस समारोह की कुछ खास बातें..

गणतंत्र दिवस की पहली परेड
गणतंत्र दिवस की पहली परेड

नई दिल्ली: चाहे पूरे साल देश में हम लाख कमियां निकालें लेकिन जब स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस जैसे राष्ट्र पर्व आते हैं तो एक अलग सी देशभक्ति वाली भावना मन में आ जाती है। 
गणतंत्र दिवस परेड के दौरान तमाम जवानों के करतब और सेना के बड़े-बड़े टैंक, लड़ाकू विमान और बहादुर बच्चों को देखकर सिकुड़े हुए लोगों के भी सीने चौड़े हो जाते हैं। लगता है, हां, हमारा देश भी कुछ कम नहीं है। वहीं देश भर के अलग-अलग राज्यों की झांकियां देखकर लगता है हमारे देश से ज़्यादा रंगीन और आकर्षक देश कोई है ही नहीं!

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लेकिन जब गणतंत्र दिवस के दिन जब राजपथ पर परेड देखते होंगे तो कभी न कभी ये तो ज़रूर सोचा होगा कि पहला गणतंत्र दिवस कहां और कैसे मनाया गया था? शायद ये भी लगता हो कि गणतंत्र दिवस की परेड हमेशा से राजपथ से ही निकलती थी।

आपको जानकर हैरानी होगी कि गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन के लिए पहले कोई एक तय जगह नहीं थी। पहला गणतंत्र दिवस समारोह राजपथ की बजाए लाल किले पर आयोजित किया गया था। 
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1950 से 1954 तक गणतंत्र दिवस समारोह की जगह कई दफा बदली गई। पहले लाल किला, फिर नेश्नल स्टेडियम, फिर किंग्सवे कैम्प, फिर रामलीला मैदान गणतंत्र दिवस समारोह के आयोजन की जगह रही। आखिर में 1955 में राजपथ को गणतंत्र दिवस समारोह के लिए स्थायी जगह चुना गया।

देश 26 जनवरी 1950 को 10:18 को गणतंत्र घोषित किया गया था। इसके थोड़ी देर बाद ही 10:24 पर डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने देश के पहले राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली थी। भारत के संविधान को इसी दिन लागू किया गया था जिसे 26 नवंबर 1949 को संविधान सभा द्वारा अपनाया गया था। स्वतंत्र भारत के पहले राष्ट्रपति समेत सविंधान सभा के बाकि सदस्यों ने 24 जनवरी 1950 को इस पर हस्ताक्षर किए थे। 

आपको जनकर हैरानी होगी कि भारत के संविधान की मूल प्रति हाथ से लिखी हुई है। इसे आज भी एक महत्वपूर्ण ऐतिहासिक दस्तावेज के रूप में पार्लियामेंट के पुस्तकालय में सुरक्षित रखा गया है।

1950 से पूर्व भी गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया जाता था लेकिन गणतंत्र दिवस की पहली परेड 1955 के गणतंत्र दिवस समारोह के दौरान ही निकाली गई थी। 1955 में निकाली गई पहली गणतंत्र दिवस परेड के बाद यह गणतंत्र दिवस समारोह की स्थायी जगह घोषित कर दी गई। हर वर्ष यह परेड विजय चौक से निकलते हुए इंडिया गेट तक जाती है और उसके बाद लाल किले तक। 


 

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