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नई दिल्ली: गृह मंत्री अमित शाह का आरक्षण को लेकर एक फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा था। इस मामले में बड़ा एक्शन लिया गया है और एफआईआर दर्ज की गई है। ये एफआईआर गृह मंत्री अमित शाह का फर्जी वीडियो फैलाने वाले लोगों के खिलाफ की गई है। इस फर्जी वीडियो को लेकर ये भ्रम फैलाया जा रहा था कि अमित शाह ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण हटाने की बात कही। जबकि वास्तविकता में उन्होंने ऐसा नहीं कहा था।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल गृह मंत्री अमित शाह का एक एडिटेड वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया जा रहा था, जिसमें शाह को ये प्रिजेंट करते हुए दिखाया जा रहा था कि उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी की सरकार बनेगी तो वह अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी) और पिछड़ा वर्ग के 'असंवैधानिक आरक्षण' को खत्म कर देगी।
जबकि वास्तविकता ये है कि ये एक फर्जी और एडिटेड वीडियो है। शाह ने ऐसा कुछ नहीं कहा। बल्कि अमित शाह कह रहे थे कि अगर बीजेपी सरकार बनी तो हम असंवैधानिक मुस्लिम आरक्षण को खत्म कर देंगे। अमित शाह को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि तेलंगाना के एससी, एसटी और ओबीसी समुदाय इस अवसर के हकदार हैं और मुस्लिम आरक्षण समाप्त करके उन्हें यह आरक्षण दिया जाएगा।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार कई यूट्यूब चैनल्स पर भी ये वीडियो पड़े हैं, जिसमें साफ तौर पर अमित शाह मुस्लिम आरक्षण को खत्म करने की बात कह रहे हैं। उन्होंने एससी, एसटी और ओबीसी के आरक्षण को हटाने की कोई बात नहीं की। यानी ये बात साफ है कि अमित शाह की जो वीडियो क्लिप वायरल हो रही है, वो पुरानी है और उसे एडिट करके वायरल किया गया। यह दावा झूठा है कि अमित शाह ने एससी, एसटी और ओबीसी आरक्षण कोटा खत्म करने का आह्वान किया।
Published : 29 April 2024, 10:11 AM IST
Topics : Amit Shah Fake video Home Minister Reservation viral अमित शाह आरक्षण गृह मंत्री फर्जी वीडियो सोशल मीडिया