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नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सोमवार को कहा कि वह राष्ट्रीय कंपनी विधि अपील अधिकरण (एनसीएलएटी) के उस आदेश के खिलाफ अमेरिकी तकनीकी क्षेत्र की कंपनी गूगल की याचिका पर 18 जनवरी को सुनवाई करेगा जिसमें एनसीएलएटी ने प्रतिस्पर्धा नियामक द्वारा लगाए गए 1,337 करोड़ रुपये के जुर्माने पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था।
एनसीएलएटी ने चार जनवरी को प्रतिस्पर्धा नियामक के एक आदेश पर अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया था और गूगल को 10 प्रतिशत राशि जमा करने को कहा था।
एनसीएलएटी ने देश में एंड्रॉयड स्मार्टफोन ऑपरेटिंग सिस्टम की प्रभावी स्थिति का दुरुपयोग करने के लिए भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) द्वारा 1,337.76 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाने के खिलाफ गूगल की चुनौती को स्वीकार किया।
प्रधान न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति पी.एस. नरसिम्हा और न्यायमूर्ति जे.बी. पारदीवाला की पीठ ने अमेरिकी फर्म की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता ए.एम. सिंघवी से बुधवार को स्पष्ट करने के लिए कहा कि क्या ‘गूगल इंडिया’ भारत में वही व्यवस्था लागू करती है जैसा कि यूरोप में है।
पीठ ने कहा, “कृपया इस पर चिंतन करें और फिर आएं। हम इस मामले की सुनवाई बुधवार को करेंगे।”
सिंघवी ने पहले मामले की तत्काल सुनवाई की मांग का उल्लेख किया था।
वरिष्ठ वकील ने कहा कि सीसीआई द्वारा असाधारण निर्देश पारित किए गए हैं और आदेश का पालन 19 जनवरी तक किया जाना है।
सीसीआई ने पिछले साल अक्टूबर में गूगल से कहा था कि वह एंड्रॉयड प्लेटफॉर्म पर स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं को ऐप्स अनइंस्टॉल करने (हटाने) की अनुमति दे और उन्हें अपनी पसंद का सर्च इंजन चुनने दे।
यह आदेश 19 जनवरी से प्रभावी होना था।
गूगल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) सुंदर पिचाई ने हाल में यहां प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मुलाकात की थी।
Published : 16 January 2023, 5:39 PM IST
Topics : Google NCLAT Supreme Court एनसीएलएटी गूगल याचिका सुप्रीम कोर्ट