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सोनभद्र के बढ़ौली गांव में बैंक ने नीलामी मकान पर कब्जा किया, परिवार ने विरोध किया। पिता की मृत्यु और एनपीए लोन विवाद की वजह से हंगामा हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
मकान पर बैंक कब्जा (फोटो सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Sonbhadra: रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बढ़ौली गांव में गुरुवार को एक नीलामी मकान को लेकर विवाद की स्थिति पैदा हो गई। बैंककर्मी मकान पर कब्जा करने पहुंचे, लेकिन मकान मालिक और उनके परिवार ने इसका विरोध किया। सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया।
बताया जा रहा है कि विवाद अंशु चौबे उर्फ दिव्यांश चौबे के मकान को लेकर है। मकान के पिता ने वर्ष 2016 में बैंक से होम लोन लिया था। परिवार के अनुसार, पिता की 2020 में मृत्यु हो गई। अंशु चौबे का दावा है कि उन्होंने 2022 तक लोन का भुगतान किया, लेकिन उसके बाद आर्थिक स्थिति ठीक न होने के कारण लोन का भुगतान बंद हो गया।
मकान मालिक ने आरोप लगाया है कि बैंक ने बिना किसी सहमति के गारंटर के बेटे के नाम मकान को नीलाम कर दिया। उनका कहना है कि नीलामी प्रक्रिया पारिवारिक सहमति के बिना की गई, जो कि उचित नहीं है। इसको लेकर उन्होंने कोर्ट में स्टे का दावा किया और बैंककर्मियों के सामने हंगामा कर दिया।
एनपीए लोन को लेकर रॉबर्ट्सगंज में हंगामा
बैंक अधिकारियों ने कहा कि मकान का खाता एनपीए (Non-Performing Asset) हो गया था। इसके बाद कोर्ट और जिलाधिकारी के आदेश पर बैंककर्मी मकान पर कब्जा करने पहुंचे। बैंक ने दावा किया कि उन्होंने सभी आवश्यक दस्तावेज कोर्ट में जमा कर दिए हैं और नीलामी की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी तरीके से पूरी की गई है। बैंक के अनुसार, उन्होंने केवल कोर्ट और प्रशासनिक आदेश का पालन किया।
घटना की सूचना मिलते ही रॉबर्ट्सगंज कोतवाली की पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिवार और बैंककर्मियों को शांत कराया और स्थिति को नियंत्रण में किया। हालांकि, परिवार का कहना है कि उन्होंने कानूनी तरीके से विवाद उठाया है और अब वे कोर्ट के निर्णय का इंतजार करेंगे।
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जानकारों के अनुसार, ऐसे मामलों में जब खाता एनपीए हो जाता है और लोन का भुगतान रुक जाता है, तो बैंक के पास कानूनी अधिकार होता है कि वह संपत्ति को नीलाम कर सके। हालांकि, मकान मालिक की सहमति न लेने की बात एक विवादास्पद मुद्दा बन जाती है। ऐसे मामलों में कोर्ट निर्णय के आधार पर ही आगे की कार्रवाई की जाती है।