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चमोली: नंदप्रयाग में गुरुवार शाम को अचानक हुई इस प्राकृतिक आपदा के बाद नदियों और गधेरों में जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। बादल फटने की तेज आवाज सुनाई दी और कुछ ही मिनटों में तेज बारिश और मलबे ने क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लिया। देखते ही देखते सड़कें पानी से भर गईं और बहाव इतना तेज हो गया कि कई जगहों पर रास्ते पूरी तरह बाधित हो गए।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही चमोली पुलिस, स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमें मौके पर पहुंच गईं और राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिया गया।
गनीमत यह रही कि इस भीषण आपदा में अब तक किसी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं मिली है। हालांकि, कई घरों में पानी घुसने और मवेशियों को नुकसान पहुंचने की खबरें हैं। प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया और लोगों से अपील की कि वे ऊंचाई वाले सुरक्षित स्थानों पर रहें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
बादल फटने की घटना का असर बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर भी पड़ा है। मलबा और पानी आने के कारण हाईवे पर आवाजाही कुछ समय के लिए प्रभावित रही। आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त राहत बलों को तैयार रखा गया है। वहीं, मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटों में क्षेत्र में भारी वर्षा की संभावना जताई है, जिससे प्रशासन और अधिक सतर्क हो गया है।
Published : 11 April 2025, 8:44 AM IST
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