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गृह मंत्रालय ने शुक्रवार को जेल प्रशासन में बड़ा बदलाव किया है। जेल के भीतर से अपराध, माफिया और गैंग संचालन की लगातार मिल रही शिकायतों के बीच दिल्ली सरकार ने कड़क आपीएस अफसर की डीजी के पद पर नियुक्ति की है।
तिहाड़ जेल के डीजी बने देवेश चंद्र श्रीवास्तव
New Delhi: देश की सबसे हाई-प्रोफाइल और संवेदनशील मानी जाने वाली तिहाड़ जेल में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। शासन ने कड़क छवि वाले आईपीएस अधिकारी देवेश चंद्र श्रीवास्तव को तिहाड़ जेल का नया महानिदेशक (DG Prisons) नियुक्त किया है।
गृह विभाग द्वारा 6 फरवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार, यह नियुक्ति तत्काल प्रभाव से लागू होगी। उपराज्यपाल के निर्देश पर यह नियुक्तियां की गई हैं।
तिहाड़ जेल को मिला नया डीजी
देवेश चंद्र श्रीवास्तव उत्तर प्रदेश के आज़मगढ़ ज़िले के कोलघाट गांव के रहने वाले हैं। वह 1995 बैच के IPS (इंडियन पुलिस सर्विस) ऑफिसर हैं। जब 2022 में उन्हें मिज़ोरम राज्य का DGP नियुक्त किया गया था तो उनके गांव के लोग बहुत खुश हुए और उन्होंने इस मौके का जश्न भी मनाया था। वह अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के डीजीपी थे।
उन्होंने दिल्ली पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस विंग में स्पेशल कमिश्नर के तौर पर भी काम किया है। इससे पहले, वह दिल्ली पुलिस में जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ), लाइसेंसिंग और इंटेलिजेंस ब्यूरो डिपार्टमेंट और ONGC (ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड) में डेपुटेशन पर भी थे। उससे पहले वह पहले मिजोरम में डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के पद पर काम कर चुके हैं।
अपराध नियंत्रण और संगठित अपराध के खिलाफ उनकी सख्त कार्यशैली के लिए उन्हें जाना जाता है। अब उनके सामने तिहाड़ जेल की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने, गैंगस्टरों के नेटवर्क को तोड़ने और जेल की छवि सुधारने की बड़ी चुनौती होगी।
उनकी उच्च शिक्षा गोरखपुर से हुई है। मदन मोहन मालवीय यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी से उन्होंने बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग किया। इंजीनियरिंग के बाद वह यूपीएससी की तैयारी में लग गए थे और साल 1997 में आईपीएस के लिए सेलेक्ट हुए थे। वह AGMUT कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। एजीएमयूटी कैडर में अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश आते हैं।
तिहाड़ जेल लंबे समय से गैंगवार, वीआईपी ट्रीटमेंट और जेल के भीतर से अपराध संचालन को लेकर विवादों में रही है। ऐसे में देवेश चंद्र श्रीवास्तव की तैनाती को जेल में सख्ती और बड़े सुधार की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि नए डीजी तिहाड़ की व्यवस्था में कितना बदलाव ला पाते हैं।
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बता दें कि तिहाड़ जेल के डायरेक्टर जनरल का पद दिल्ली पुलिस कमिश्नर के पद से भी अधिक प्रतिष्ठित माना जाता है। यह पहली बार है कि तिहाड़ जेल के पिछले डायरेक्टर जनरल की रिटायरमेंट के एक हफ्ते बाद भी नए डायरेक्टर जनरल का चयन नहीं हो पाया है। अब तक, मौजूदा अधिकारी की रिटायरमेंट से पहले ही नए डायरेक्टर जनरल के नाम की घोषणा कर दी जाती थी।