Dimple Yadav: मैनपुरी पहुंची सांसद डिंपल यादव, अफसरों व कर्मचारियों के साथ बैठक, जानिये पूरा अपडेट

समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव शुक्रवार को अबसे थोड़ी देर पहले अपने संसदीय क्षेत्र मैनपुरी पहुंची। पढ़िए डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी रिपोर्ट

Updated : 21 March 2025, 3:22 PM IST
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मैनपुरी: समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव आज मैनपुरी के कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में जिला विकास के समन्वय एवं निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए पहुंचीं।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, इस बैठक में समाजवादी पार्टी के साथ-साथ भाजपा के भोगांव से विधायक रामनरेश अग्निहोत्री सहित दोनों पार्टियों के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और जनपद के आलाधिकारियों की मौजूदगी रही।  

इन मुद्दों पर विचार व्यक्त किए 
 

सांसद डिंपल यादव ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई अहम मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए। सबसे पहले, उन्होंने देश के मुस्लिम धर्म गुरुओं द्वारा उठाए गए एक मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी। उनका कहना था कि मुस्लिम धर्म गुरुओं का आरोप है कि सरकार वक्फ बोर्ड को खत्म करना चाहती है।

डिंपल यादव ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि इस संबंध में जो बिल पेश किया गया है, उसमें बहुत सारी अनियमितताएं हैं। उन्होंने कहा, "विपक्ष की पार्टियों के कमेटियों द्वारा उठाए गए पॉइंट्स को इसमें शामिल नहीं किया गया, जिससे सरकार की नीयत पर सवाल उठते हैं।"

विपक्ष पर साधा निशाना

इसके बाद, डिंपल यादव ने भाजपा के मंदिर निर्माण अभियान पर भी अपना बयान दिया। उन्होंने कहा कि भाजपा अब चुनावों के पास आते ही मंदिर निर्माण जैसे मुद्दों को बढ़ा-चढ़ाकर प्रस्तुत कर रही है। उन्होंने इसे समाज और देश के विभाजन की दिशा में एक और कदम बताया।

सांसद ने कहा, "यह लोग केवल वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं, उनका मकसद समाज का भला नहीं, बल्कि अपनी राजनीति की रोटियां सेंकना है। महंगाई, बेरोजगारी और बढ़ती बिजली दरें जैसे मुद्दों पर सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं। लोग बच्चों को शिक्षा नहीं दिला पा रहे, और परिवार के इलाज के लिए परेशान हैं, यह सब सरकार की विफलता को दर्शाता है।"

इस दौरान डिंपल यादव ने डीएमके के मंत्री द्वारा दिए गए विवादास्पद बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। मंत्री ने उत्तर भारतीयों पर आरोप लगाया था कि वे एक नेटवर्क की तरह जनसंख्या बढ़ा रहे हैं।

डिंपल यादव ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा, "मंत्री का यह बयान इस बात का संकेत है कि वे डी-लिमिटेशन की प्रक्रिया को लेकर चिंतित हैं, क्योंकि दक्षिण भारत में लोग अधिक शिक्षित हैं और उनकी समझदारी के कारण वहां खुशहाली है। 

Published : 
  • 21 March 2025, 3:22 PM IST

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