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उत्तर प्रदेश एसटीएफ को बड़ी सफलता मिली है। गोण्डा में दर्ज गो-तस्करी मामले में 50 हजार रुपये का इनामी आरोपी मो. बिलाल को मध्य प्रदेश के शिवपुरी से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी लंबे समय से फरार था और कई राज्यों में फैले तस्करी नेटवर्क से जुड़ा बताया जा रहा है।
मो. बिलाल को पुलिस ने गिरफ्तार किया
Gonda: कई महीनों से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा गो-तस्करी का आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ ही गया। उत्तर प्रदेश एसटीएफ ने 50 हजार रुपये के इनामी अपराधी मो. बिलाल को मध्य प्रदेश के शिवपुरी से गिरफ्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर दूसरे राज्य में रह रहा था और पुलिस से बचने की कोशिश कर रहा था। STF की इस कार्रवाई को बड़ी सफलता माना जा रहा है।
मध्य प्रदेश में छिपकर रह रहा था आरोपी
स्पेशल टास्क फोर्स (उत्तर प्रदेश) की टीम को सूचना मिली थी कि थाना परसपुर जनपद गोण्डा में दर्ज गोवध और पशु क्रूरता अधिनियम के मामले में वांछित आरोपी मो. बिलाल मध्य प्रदेश में छिपा हुआ है। इसके बाद STF ने सक्रियता दिखाते हुए एक टीम गठित की और निगरानी शुरू कर दी। एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार दीक्षित के पर्यवेक्षण में टीम लगातार सूचना जुटा रही थी। इसी दौरान सटीक इनपुट मिलने पर टीम शिवपुरी जिले के कोतवाली देहात क्षेत्र के साई मार्केट ककरवाया पहुंची। वहां दुकान नंबर 3 के पास से 8 मार्च 2026 को दोपहर करीब 1 बजे आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।
कई राज्यों में फैला था तस्करी का नेटवर्क
पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपी मो. बिलाल ने चौंकाने वाले खुलासे किए। उसने बताया कि उसका एक संगठित गिरोह है, जो उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और बिहार से गोवंशीय पशुओं को लाकर असम और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में तस्करी करता था। आरोपी ने बताया कि 5 जनवरी 2024 को वह अपने साथियों के साथ मिलकर एक ट्रक में गोवंशीय पशु लोड कर रहा था। उसी दौरान स्थानीय पुलिस के पहुंचने की सूचना मिलते ही वह अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया था। बाद में उसके खिलाफ गोण्डा के परसपुर थाने में मामला दर्ज हुआ और वह बचने के लिए मध्य प्रदेश भाग गया था।
आरोपी का आपराधिक इतिहास
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मो. बिलाल के खिलाफ पहले भी कई गंभीर मामले दर्ज हैं। कुशीनगर जिले के तरायसुजान थाने में गोवध अधिनियम, पशु क्रूरता अधिनियम, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमे दर्ज हैं। इसके अलावा गैंगस्टर एक्ट के तहत भी उस पर कार्रवाई हो चुकी है।