हिंदी
नोएडा इलेक्ट्रॉनिक बस (Img: Dynamite News)
Noida: जब नोएडा और ग्रेटर नोएडा में इलैक्ट्रिक बसें नहीं चली थी तो कहा जा रहा था कि बसों के संचालन के बाद केवल जिले के लोगों को राहत ही नहीं बल्कि उत्तर प्रदेश सरकार का सपना भी पूरा होगा, लेकिन पहले ही दिन शायद उत्तर प्रदेश सरकार के सपने फीके पड़ गए हैं। जिस हिसाब से जिले की जनता ने सोचा था, उस तरीके से कुछ नहीं हुआ। लोग सड़कों पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा दी गई सौगात का इंतजार करते रहे, लेकिन बसें नहीं मिली। इसकी वजह से लोगों में भारी नाराजगी है।
अभी तक बस का कोई टाइम टेबल नहीं बना है, जिसकी वजह से लोगों को भारी परेशानियों को सामना करना पड़ रहा है। मजबूरी में फिर लोग प्राइवेट ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल कर रहे हैं।
वैसे तो नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और यमुना सिटी में इलैक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू हो गया। बावजूद उसके लोगों को आज भी वही सब दिक्कतें हैं। कारण इसका सबसे बड़ा यह है कि बसों का संचालन तो शुरू हो चुका है, लेकिन अभी तक कोई टाइम टेबल नहीं बना है। लोग काफी घंटे तक ग्रेटर नोएडा वेस्ट के एक मूर्ति चौक पर खड़े रहे, लेकिन उनको बसें नहीं मिली। जिसकी वजह से हारकर लोगों को ऑटो या कैब की मदद लेनी पड़ी।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में करीब 6 लाख से ज्यादा आबादी रहती हैं। रोजाना लोग ग्रेटर नोएडा वेस्ट से दिल्ली, गुरूग्राम और नोएडा समेत अलग-अलग स्थान पर नौकरी करने के लिए जाते हैं। सुबह के वक्त काफी लोगों को दिक्कतें होती हैं। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की जनता ने सोचा था कि इलैक्ट्रिक बसों के संचालन के बाद कुछ हद तक उनकी समस्या खत्म हो जाएगी, लेकिन जब बस ही नहीं मिलेगी तो कैसे समस्या का अंत होगा?
मेरे लिए चूड़ियां लाए थे… अब इन्हें कैसे उतारूं? पति की लाश से मांग भरवाते ही बिलख पड़ी पत्नी
अभी के लिए जिले में 33 इलैक्ट्रिक बसों का संचालन शुरू किया गया है। सरकार ने दावा किया था कि पहले दिन से ही लोगों को राहत मिलेगी। अब सवाल खड़ा होता है कि जब लोगों को बस ही नहीं मिली तो राहत कैसे मिलेगी? कभी दूसरी तरफ ट्रांसपोर्ट डिपार्मेंट से अधिकारियों को कहना है कि 15 जून के बाद बसों को टाइम टेबल के हिसाब से चलाया जाएगा।
Location : Noida
Published : 14 June 2026, 10:27 AM IST