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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नगर निकाय चुनावों में ओबीसी आरक्षण के मामले को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में बुधवार को लगातार दूसरे दिन भी सुनवाई हुई लेकिन बुधवार को भी कोई फैसला नहीं आ सका। कोर्ट में एक बार फिर फैसला टल गया है। कल इस मामले पर फिर सुनवाई होगी। माना जा रहा है कि अदालत कल इस मामले पर फैसला कर सकता है।
इसके साथ ही हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने निकाय चुनाव के नोटिफिकेश पर लगी रोक को कल गुरूवार तक एक दिन लिये बढ़ा दिया है। इससे पहले मंगलवार को हुई सुनवाई के बाद भी कोर्ट ने नोटिफिकेश पर लगी रोक को एक दिन यानी आज तक के लिये बढ़ाया था।
मंगलवार को इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ खंडपीठ मे आज दोनों पक्षों की बहस पूरी हो गई थी, जिसके बाद अदालत ने नगरीय निकाय निर्वाचन से संबंधित स्टे को एक दिन यानी आज तक के लिए बढ़ा दिया था।
अदालत के आदेश पर उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा आरक्षण को लेकर सोमवार को कोर्ट में जवाब दाखिल किया गया था। अपने इस जवाब में सरकार ने 2017 में हुए ओबीसी के सर्वे को आरक्षण का आधार माना। राज्य सरकार इसी आधार पर नगर निकाय में सीटों का आरक्षण भी जारी कर चुकी है।
बता दें कि यूपी में नगर निकायों का कार्यकाल 12 दिसंबर से 19 जनवरी के बीच समाप्त हो रहा है। इस बार 760 नगरीय निकायों में चुनाव होना है। इसके लिये प्रदेश के नगर निगमों के मेयर, नगर पालिका परिषद एवं नगर पंचायतों के अध्यक्ष और पार्षदों के लिये चुनाव होना है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में नगर निकाय चुनाव में ओबीसी को उचित आरक्षण का लाभ दिए जाने और सीटों के रोटेशन के मुद्दों को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। इसी याचिका के कारण मामला अभी तक फंसा हुआ था।
Published : 21 December 2022, 4:39 PM IST
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