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नवरात्र में बाल और नाखून नहीं काटें (सोर्स- Pinterest)
New Delhi: हर साल की तरह इस बार भी शारदीय नवरात्र का पावन पर्व बेहद उत्साह के साथ आने को तैयार है, जिसकी शुरुआत 11 अक्टूबर से हो रही है। इन नौ दिनों में माता रानी यानी मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है और व्रत रखे जाते हैं। ऐसी गहरी आस्था है कि जो भी भक्त सच्चे मन से मां की आराधना करता है, उसके जीवन के सारे दुख और संकट दूर हो जाते हैं।
लेकिन क्या आप जानते हैं कि नवरात्र के इन नौ दिनों में कुछ कड़े नियमों का पालन करना अनिवार्य माना गया है? अगर इन नियमों का ध्यान न रखा जाए, तो पूजा का पूरा फल मिलने में बाधा आ सकती है। ऐसा ही एक सबसे अहम और चर्चित नियम है- नवरात्र के दौरान बाल, दाढ़ी और नाखून बिल्कुल न काटना। आइए बहुत ही सरल भाषा में जानते हैं कि आखिर इसके पीछे क्या धार्मिक और व्यावहारिक कारण छिपे हैं।
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धार्मिक मान्यताओं और पुरानी परंपराओं के अनुसार, नवरात्र के नौ दिन बेहद पवित्र, शुद्ध और सात्विक माने जाते हैं। इस दौरान जब कोई भक्त लगातार नौ दिनों तक व्रत रखता है, माता की पूजा करता है और मंत्रों का जाप करता है, तो उसके शरीर और आसपास के वातावरण में एक खास सकारात्मक ऊर्जा (Positive Energy) का संचार होने लगता है।
शास्त्रों के जानकारों का मानना है कि बाल और नाखून काटना शरीर की शुद्धि से जुड़ी एक ऐसी क्रिया है जिसे इस खास पवित्र अवधि में टाल देना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि इन नौ दिनों में ग्रूमिंग या कटिंग जैसी चीज़ें करने से शरीर की वह सकारात्मक ऊर्जा खंडित हो सकती है और पूजा की पवित्रता में रुकावट आ सकती है। यही वजह है कि बुजुर्ग और पंडित लोग भी नवरात्र शुरू होने से पहले ही बाल और नाखून कटवा लेने की सलाह देते हैं।
नवरात्र का व्रत करने वाले साधक के लिए यह बेहद जरूरी है कि वह अपने तन के साथ-साथ अपने मन को भी पूरी तरह से सात्विक और निर्मल रखे। व्रत के इन दिनों में शरीर को उसकी प्राकृतिक और सहज अवस्था में बनाए रखना बहुत जरूरी माना गया है।
धर्म-ग्रंथों के मुताबिक, बाल और नाखून काटना शारीरिक साफ-सफाई का हिस्सा तो है, लेकिन इस विशेष पर्व के दौरान इसे किसी भी प्रकार की अशुद्ध क्रिया से जोड़कर देखा जाता है। ताकि माता की साधना में किसी भी तरह की मानसिक या शारीरिक विचलितता न आए, इसलिए भक्त खुद को पूरी तरह भक्ति में समर्पित रखते हुए इन कामों से दूरी बना लेते हैं।
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सिर्फ बाल और नाखून ही नहीं, बल्कि शारदीय नवरात्र की पूजा के दौरान कुछ और ऐसी बातें हैं जिनका आपको विशेष ध्यान रखना चाहिए, ताकि व्रत और पूजा का पूरा पुण्य मिल सके-
सकारात्मक सोच रखें: पूजा-पाठ के इन दिनों में अपने मन में किसी भी इंसान के प्रति दुर्भावना या गलत विचार बिल्कुल न लाएं।
सात्विक भोजन अपनाएं: इन नौ दिनों में गलती से भी तामसिक भोजन (जैसे प्याज, लहसुन, मांस-मछली या बाहरी चीजें) का सेवन न करें। हमेशा शुद्ध और सात्विक आहार ही लें।
रंगों का चयन: धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्र के इन पवित्र दिनों में काले रंग के कपड़े पहनने से बचना चाहिए।
स्वच्छता है जरूरी: अपने घर के कोने-कोने और विशेषकर पूजा स्थल की साफ-सफाई का हमेशा विशेष ध्यान रखें।
दिन में सोने से बचें: जो लोग नवरात्र का व्रत रख रहे हैं, उन्हें नियम के अनुसार दिन के समय सोने से बचना चाहिए।
इन छोटे-छोटे नियमों का पालन करके आप न केवल अपनी पूजा को सफल बना सकते हैं, बल्कि मां दुर्गा की असीम कृपा और आशीर्वाद भी प्राप्त कर सकते हैं।
Location : New Delhi
Published : 4 October 2026, 2:53 PM IST