Chandra Grahan 2026: क्या सूतक में भूखा रहना जरूरी? जानें ग्रहण के दौरान भोजन से जुड़े नियम और सावधानियां

3 मार्च 2026 के चंद्र ग्रहण के दौरान क्या सूतक में भूखा रहना जरूरी है? जानें ग्रहण का समय, सूतक काल के नियम, क्या खा सकते हैं, किन्हें छूट है और ग्रहण के बाद क्या करना चाहिए।

Post Published By: Sapna Srivastava
Updated : 3 March 2026, 2:21 PM IST
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New Delhi: पंचांग के अनुसार साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज 3 मार्च को लग रहा है। भारतीय समयानुसार यह दोपहर 3:20 बजे से शुरू होकर शाम 6:46 बजे तक रहेगा। चंद्र ग्रहण से 9 घंटे पहले सूतक काल प्रारंभ हो जाता है, इसलिए आज सुबह 6:20 बजे से सूतक प्रभावी है। ऐसे में लोगों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या इतने लंबे समय तक भूखा रहना जरूरी है और अगर भूख लगे तो क्या किया जाए?

सूतक काल में भोजन को लेकर धार्मिक मान्यता

ज्योतिष और धर्मग्रंथों के अनुसार सूतक काल और ग्रहण की अवधि को अशुभ समय माना जाता है। मान्यता है कि इस दौरान वातावरण में नकारात्मक प्रभाव बढ़ता है, जिसका असर भोजन और जल पर पड़ सकता है। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार स्वस्थ व्यक्ति को सूतक में भोजन पकाने और खाने से बचना चाहिए। कुछ विद्वानों का मानना है कि ग्रहण के दौरान सूक्ष्म जीवाणुओं की सक्रियता बढ़ सकती है, इसलिए पहले से बने भोजन में तुलसी के पत्ते डालने की परंपरा रही है।

क्या सभी को उपवास करना जरूरी है?

  • धार्मिक ग्रंथों में नियमों के साथ कुछ अपवाद भी बताए गए हैं।
  • बच्चे, बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति: इन पर कठोर नियम लागू नहीं होते।
  • आवश्यकता होने पर ये फलाहार या हल्का सात्विक भोजन ले सकते हैं।
  • गर्भवती महिलाएं: इन्हें भी स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए हल्का भोजन करने की छूट दी गई है।

अगर भूख लगे तो क्या खा सकते हैं?

  • पहले से बना भोजन: ग्रहण शुरू होने से पहले तैयार भोजन में यदि तुलसी दल डाला गया हो तो सीमित मात्रा में लिया जा सकता है।
  • फल और सूखे मेवे: इन्हें सात्विक और शुद्ध माना जाता है, इसलिए कुछ लोग इनका सेवन करते हैं।
  • दूध या तरल पदार्थ: तुलसी मिला हुआ जल या पहले से सुरक्षित रखा जूस लिया जा सकता है।

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ग्रहण के दौरान क्या करें और क्या न करें?

  • सूतक लगने से पहले भोजन में तुलसी के पत्ते डाल दें।
  • ग्रहण के दौरान नया भोजन न पकाएं।
  • भगवान का स्मरण और मंत्र जाप करें।
  • कैंची, सुई या चाकू जैसे नुकीले उपकरणों का उपयोग न करें।
  • घर के मंदिर के पट बंद रखें।
  • ग्रहण को सीधे आंखों से देखने से बचें।
  • ग्रहण के समय अनावश्यक रूप से सोने से बचें, हालांकि बीमार व्यक्ति को छूट है।

ग्रहण समाप्त होने के बाद क्या करें?

शाम 6:46 बजे ग्रहण समाप्त होते ही स्नान करना शुभ माना जाता है। इसके बाद घर में गंगाजल का छिड़काव करें। ताजा भोजन बनाकर ग्रहण करें। यदि सूतक से पहले बना भोजन तुलसी के बिना हो तो उसे पशुओं को दिया जा सकता है, लेकिन स्वयं उसका सेवन न करने की सलाह दी जाती है। दान-पुण्य करना भी फलदायी माना जाता है।

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वैज्ञानिक दृष्टिकोण

वैज्ञानिक रूप से चंद्र ग्रहण एक प्राकृतिक खगोलीय घटना है, जब पृथ्वी की छाया चंद्रमा पर पड़ती है। इसका भोजन या स्वास्थ्य पर सीधा प्रभाव होने के प्रमाण सीमित हैं, लेकिन आस्था और परंपराओं के कारण लोग नियमों का पालन करते हैं।

Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं और सामान्य परंपराओं पर आधारित है। Dynamite News इसकी पुष्टि नहीं करता है।

Location : 
  • New Delhi

Published : 
  • 3 March 2026, 2:21 PM IST

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