राजस्थान में डिजिटल अरेस्ट का बड़ा जाल, बुजुर्ग महिला से 80 लाख की ठगी; हाईकोर्ट सख्त

राजस्थान में डिजिटल अरेस्ट का 83 वर्षीय महिला पर जाल, 80 लाख रुपये ठगे गए। हाईकोर्ट ने डीजीपी और एसपी साइबर क्राइम को तलब किया और सरकार को सुरक्षा एवं आवास व्यवस्था का आदेश दिया।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 26 March 2026, 8:01 PM IST
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Ajmer: राजस्थान में साइबर ठगी और डिजिटल अरेस्ट के मामलों में वृद्ध और रिटायर लोग विशेष रूप से फंस रहे हैं। अजमेर की 83 वर्षीय महिला इस घिनौने मामले का शिकार बनीं, जिनसे कुल 80 लाख रुपये की ठगी की गई थी। आरोपी नवीन तेमानी ने महिला को जबरन 10 लाख रुपये में समझौते के लिए मजबूर किया।

जमानत याचिका पर अदालत की सुनवाई

नवीन तेमानी की जमानत याचिका पर जस्टिस समीर जैन की अदालत में सुनवाई हुई। आरोपी पक्ष ने दावा किया कि 10 लाख रुपये में समझौता हो गया है, इसलिए जमानत दी जाए। हालांकि, वृद्धा ने कोर्ट में बताया कि न्याय न मिलने की स्थिति में उन्हें मजबूरी में समझौते पर हस्ताक्षर करने पड़ रहे हैं।

अदालत का तीखा रुख

कोर्ट ने इस मामले को विशेष बताते हुए कहा कि यह इस अदालत की अंतरात्मा को झकझोरने वाला है। व्हीलचेयर पर दिव्यांग भतीजे के साथ पेश हुई महिला अकेली हैं और उनका कोई करीबी परिवार नहीं है। अदालत ने इसे सफेदपोश साइबर अपराध का असहाय शिकार करार दिया।

राज्य सरकार को आदेश

कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि यदि वृद्धा मुकदमे के सिलसिले में शहर में ठहरना चाहें, तो उच्च गुणवत्ता वाले आवास और भोजन की व्यवस्था करें और खर्च वहन करें। कोर्ट ने चेतावनी दी कि किसी कोताही पर गंभीर कदम उठाए जाएंगे।

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जांच एजेंसी और पुलिस की भूमिका

सरकारी वकील विवेक शर्मा ने बताया कि डिजिटल अरेस्ट के माध्यम से 80 लाख रुपये ठगे गए थे, जो दुबई के विभिन्न खातों में ट्रांसफर हो गए। चार्जशीट दाखिल की गई है, लेकिन आरोपी दुबई में होने के कारण गिरफ्तारी नहीं हो सकी।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तलब

कोर्ट ने डीजीपी राजस्थान और एसपी साइबर क्राइम को 27 मार्च को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हाजिर होने का आदेश दिया है। जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और सभी दस्तावेज पेश करने का निर्देश भी दिया गया।

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न्याय की प्रतीक्षा

वृद्ध महिला और उनके भतीजे ने न्याय की उम्मीद बनाए रखी है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि साइबर ठगी के मामले में न केवल आरोपी बल्कि सिस्टम की जिम्मेदारी भी है।

साइबर अपराध पर सतर्कता

विशेषज्ञों का कहना है कि डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी के मामलों में वृद्ध और असहाय लोग आसानी से फंस जाते हैं। जागरूकता और सावधानी ही इन अपराधों से बचने का मुख्य उपाय है।

Location : 
  • Ajmer

Published : 
  • 26 March 2026, 8:01 PM IST

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