बुजुर्गों की जिंदगी की शाम हुई सुनहरी, मिला नया जीवनसाथी  

आज के समाज में जहां बुजुर्ग अपने आप को अकेला महसूस कर रहे हैं और एकाकी पन का शिकार हो रहे हैं। वहीं एक पहल ने खामोशी से अपना जीवन काट रहे बुजुर्गों के जीवन में एक नई उम्मीद की किरण दिखाई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 22 April 2026, 1:46 AM IST
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Bhilwara: राजस्थान के भीलवाड़ा में सोमवार को एक अनोखा नजारा देखने को मिला। अकेलेपन की समस्या से जूझ रहे बुजुर्गों के चेहरे पर एक नई उम्मीद की किरण दिखाई दी। 'अनुबंध फाउंडेशन' द्वारा आयोजित 95वें जीवनसाथी परिचय सम्मेलन ने समाज के सामने एक भावुक उदाहरण पेश किया है।

19 अप्रैल 2026 को नागौरी गार्डन स्थित स्वाध्याय भवन में देशभर से आए 50 से 80 वर्ष के 115 बुजुगों ने हिस्सा लिया, जिनमें 30 महिलाएं भी शामिल थीं। नट्टू भाई पटेल की इस पहल का मकसद बुढ़ापे के अकेलेपन को दूर करना था।

सम्मेलन में सफेद बालों और झुर्रियों की परवाह किए बिना 7 जोड़ों ने एक-दूसरे का हाथ थामकर जीवन की दूसरी पारी शुरू करने का फैसला किया। जहां बच्चे अपनी दुनिया में व्यस्त हैं, वहां इन बुजुर्गों का यह कदम साबित करता है कि हमसफर की जरूरत और प्यार की कोई उम्र नहीं होती। समाज की रूढ़ियों पर यह प्रहार उन लाखों बुजुर्गों के लिए उम्मीद की किरण है जो खामोशी से अपना जीवन काट रहे हैं।

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7 बुजुर्ग जोड़ों ने थामा एक-दूसरे का हाथ

संस्था के अध्यक्ष नट्टू भाई पटेल ने कहा कि इस पहल की शुरुआत 2001 के भूकंप के बाद हुई थी, जब उन्होंने अपनों को खो चुके लोगों का दर्द करीब से देखा। आज यह 95वां सम्मेलन है— अब तक 15 हजार से ज्यादा लोगों को मंच मिल चुका है और 225 से अधिक शादियां कराई जा चुकी हैं। इस बार भी 5 से 7 नए रिश्तों की उम्मीद है।

इस सम्मेलन की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि यहां रिश्तों पर किसी जाति या धर्म की दीवार नहीं थी। सिर्फ इंसानी भावनाएं और साथ की जरूरत थी।

50 से 80 वर्ष आयु वर्ग के अविवाहित, विधवा और तलाकशुदा महिला-पुरुषों ने इसमें हिस्सा लिया. अहमदाबाद, दिल्ली, जयपुर, कोटा और बीकानेर सहित कई शहरों से आए 80 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया, जिनमें 30 महिलाएं भी शामिल रहीं.

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जिंदगी के हर पड़ाव में साथी जरूरी

सम्मेलन में शामिल लोगों ने भी इसे उम्मीद की किरण बताया। दिल्ली से आई एक बुजुर्ग ने बताया कि 'जिंदगी के हर पड़ाव पर साथी जरूरी होती है। वहीं पंजाब से आए एक बुजुर्ग ने बताया कि यह 'भावनात्मक सहारे की सच्ची पहल' है।

 

Location :  Bhilwara,

Published :  22 April 2026, 1:46 AM IST

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