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एशियन गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट स्वप्ना बर्मन (Img- Internet)
Kolkata: इस दर्दनाक हादसे और चुनावी हार के बाद स्वप्ना बर्मन काफी टूट चुकी हैं और उन्होंने राजनीति में कदम रखने के अपने फैसले पर गहरा अफसोस जताया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्वप्ना ने भावुक होते हुए कहा, "मैं अपने परिवार की सुरक्षा को लेकर बेहद चिंतित हूँ। मुझे बिल्कुल अंदाजा नहीं था कि राजनीति में इतना दर्द और मुश्किलें होती हैं, अगर यह बात मुझे पहले पता होती तो मैं कभी भी राजनीति में कदम नहीं रखती।" उन्होंने आगे कहा कि वह हमेशा से एक खिलाड़ी रही हैं और खेल की दुनिया से राजनीति बिल्कुल अलग है। फिलहाल वह इस सदमे से उबरने की कोशिश कर रही हैं और आने वाले दिनों के भविष्य को लेकर विचार करेंगी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आगजनी की घटना के बाद से ही स्वप्ना बर्मन ने खुद को पार्टी की सभी गतिविधियों से पूरी तरह दूर कर लिया है। तृणमूल कांग्रेस के कुछ स्थानीय नेताओं ने दबी जुबान में आरोप लगाया है कि स्वप्ना बर्मन अब उनके फोन कॉल्स का भी जवाब नहीं दे रही हैं। वहीं, चुनावी हार के बाद उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने भी उनसे दूरी बना ली है, जिसके कारण वह खुद को अकेला महसूस कर रही हैं।
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राजबंशी समुदाय से ताल्लुक रखने वाली स्वप्ना बर्मन अलीपुरद्वार मंडल में उत्तर सीमांत रेलवे में कार्यरत थीं। खेल की दुनिया में नाम कमाने के बाद वह इसी साल 27 फरवरी को टीएमसी में शामिल हुई थीं। उन्होंने जलपाईगुड़ी जिले के राजगंज निर्वाचन क्षेत्र से विधानसभा चुनाव लड़ा, लेकिन भाजपा के उम्मीदवार दिनेश सरकार ने उन्हें 21,000 से अधिक मतों के भारी अंतर से हरा दिया। चौंकाने वाली बात यह है कि बिना आधिकारिक इस्तीफा दिए राजनीति में उतरने के कारण उन्हें सरकारी सेवा नियमों के उल्लंघन के आरोप में रेलवे की नौकरी से भी बर्खास्त कर दिया गया है। ऐसे में अब उनके सामने आर्थिक तंगी का एक बड़ा संकट खड़ा हो गया है।
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स्वप्ना बर्मन ने इस घटना के संबंध में शनिवार को पश्चिम बंगाल पुलिस के कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने सोशल मीडिया पर भी आरोप लगाया कि चुनाव के बाद हुई हिंसा के तहत उनके घर को निशाना बनाया गया। हालांकि, राजगंज के नवनिर्वाचित भाजपा विधायक दिनेश सरकार ने कहा कि स्थानीय स्तर पर जुटाई गई जानकारी के अनुसार यह पूरी तरह से एक पारिवारिक और आपसी विवाद का मामला है, इसमें भाजपा कार्यकर्ताओं का कोई हाथ नहीं है। राजनीतिक विश्लेषकों का यह भी मानना है कि यह विवाद टीएमसी की आंतरिक कलह का नतीजा भी हो सकता है, क्योंकि चार बार के विधायक खागेश्वर बर्मन का टिकट काटकर स्वप्ना को उम्मीदवार बनाए जाने से पार्टी का एक धड़ा पहले से ही नाराज था।
Location : Kolkata
Published : 19 May 2026, 9:52 AM IST