हिंदी
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 (Image Source: internet)
Kolkata: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों ने राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव संकेत दिया है। भाजपा ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर बढ़त बनाकर अपनी मौजूदगी मजबूत की है। इस जीत के पीछे कुछ ऐसे नेता रहे, जिन्हें पार्टी के "सुपर हीरो" के तौर पर देखा जा रहा है। इन नेताओं ने न केवल संगठन को मजबूत किया, बल्कि ममता बनर्जी की रणनीतियों को भी कमजोर कर दिया।
इस जीत में सबसे प्रमुख नाम राज्य प्रभारी मंगल पांडेय का माना जा रहा है। उन्होंने जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया। उनके साथ भूपेंद्र यादव ने भी चुनाव प्रभारी के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनकी रणनीति और चुनावी प्रबंधन ने भाजपा को कई सीटों पर बढ़त दिलाई।
इसके अलावा संगठन महामंत्री सुनील बंसल ने भी लंबे समय तक बंगाल में रहकर कार्यकर्ताओं को संगठित किया। उनकी प्लानिंग और बूथ स्तर की पकड़ ने भाजपा को मजबूती दी।
इन नेताओं में ज्यादातर ऐसे रहे, जिन्हें गृह मंत्री अमित शाह का करीबी माना जाता है। भूपेंद्र यादव को चुनावी मामलों का एक्सपर्ट कहा जाता है और उन्होंने पहले भी कई राज्यों में पार्टी को जीत दिलाई है। बंगाल में भी उनकी रणनीति कारगर साबित हुई।
वहीं सह-प्रभारी के तौर पर बिप्लब कुमार देव का योगदान भी अहम रहा। उन्होंने कम समय में राज्य में सक्रिय रहकर पार्टी के पक्ष में माहौल बनाने का काम किया।
भाजपा की इस मजबूत रणनीति का असर साफ तौर पर ममता बनर्जी और उनकी पार्टी टीएमसी पर देखने को मिला। 2021 में जहां ममता बनर्जी ने "बंगाल कार्ड" खेलकर जीत हासिल की थी, वहीं इस बार हालात बदले हुए नजर आए।
भाजपा की लगातार मेहनत और रणनीतिक बढ़त ने टीएमसी की जमीन को कमजोर कर दिया। हालात ऐसे बन गए कि ममता बनर्जी को अपनी पारंपरिक सीटों पर भी कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
Location : Kolkata
Published : 4 May 2026, 12:36 PM IST
Topics : Assembly Election 2026 bjp Mangal Pandey TMC TMC vs BJP