हिंदी
ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन (File Photo)
New Delhi: ब्रिक्स (BRICS) सम्मेलन के बाद भारत की विदेश नीति और कूटनीतिक भूमिका को लेकर देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। सम्मेलन में भारत की भूमिका को लेकर कुछ विपक्षी नेताओं ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। बहुजन समाज पार्टी (BSP) प्रमुख मायावती, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल जैसे नेताओं के बयानों ने राजनीतिक गलियारों में चर्चा बढ़ा दी है।
इन नेताओं ने सरकार की नीतियों से जुड़े अपने अलग-अलग राजनीतिक मतों के बावजूद ब्रिक्स सम्मेलन में भारत की भूमिका और कुछ कूटनीतिक फैसलों की सराहना की।
ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान सदस्य देशों के बीच नई दिल्ली घोषणा पत्र पर सहमति बनी। इसमें वैश्विक मुद्दों के साथ-साथ आतंकवाद और सीमा पार आतंकवाद जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई।
सरकार की ओर से इसे भारत की कूटनीतिक सफलता के रूप में पेश किया गया। वहीं, कुछ विपक्षी नेताओं ने भी इस बात को महत्वपूर्ण बताया कि अलग-अलग हितों वाले देशों के समूह में सहमति बनाना आसान नहीं होता।
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने ब्रिक्स घोषणा पत्र में पहलगाम आतंकी हमले का उल्लेख किए जाने को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि यह भारत सरकार और विदेश मंत्रालय के स्तर पर किया जाने वाला विषय है, लेकिन आतंकी हमले की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निंदा होना महत्वपूर्ण है।
उनके बयान को सरकार की विदेश नीति के एक पहलू की स्वीकार्यता के तौर पर देखा गया।
पूर्व केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल ने भी ब्रिक्स सम्मेलन में संयुक्त बयान जारी होने को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स जैसे समूह में सभी देशों के हित अलग-अलग होते हैं, इसलिए किसी साझा प्रस्ताव पर सहमति बनाना आसान नहीं होता।
उन्होंने भारत की ओर से इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने को एक उल्लेखनीय उपलब्धि बताया।
पूर्व विदेश मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी ब्रिक्स सम्मेलन में सभी आमंत्रित देशों के शीर्ष नेताओं की भागीदारी और संयुक्त घोषणा पत्र को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रिया दी।
उन्होंने कहा कि सम्मेलन में प्रमुख देशों के नेताओं की मौजूदगी और सहमति बनना एक महत्वपूर्ण पहलू रहा।
ब्रिक्स सम्मेलन के बाद देश में राजनीतिक बहस दो हिस्सों में बंटी हुई है। सरकार समर्थक इसे भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका के रूप में देख रहे हैं, जबकि विपक्षी दल विदेश नीति और अन्य मुद्दों पर अपने-अपने दृष्टिकोण रखते हैं।
हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में यह चर्चा जरूर तेज हुई है कि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत की स्थिति को लेकर राजनीतिक दलों के बीच कई बार अलग-अलग मुद्दों पर सहमति और असहमति दोनों देखने को मिलती है।
Location : New Delhi
Published : 17 September 2026, 2:24 PM IST
Topics : BRICS Declaration brics summit 2026 India Foreign Policy Narendra Modi BRICS Umar Abdullah Statement