BRICS सम्मेलन के बाद डोनाल्‍ड ट्रंप के सख्त तेवर: बोले- ‘डील के लिए बेताब है ईरान, पर फैसला मैं करूंगा!’

ब्रिक्स सम्मेलन संपन्न होने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि बदहाल ईरान समझौता करने के लिए बेताब है, लेकिन वार्ता होगी या नहीं इसका फैसला अमेरिका ही करेगा।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 15 September 2026, 11:41 AM IST
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Washington: नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स (BRICS) शिखर सम्मेलन में जारी साझा घोषणापत्र और ईरान युद्ध पर हुई चर्चा के ठीक बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रुथ सोशल (Truth Social) पर जारी अपनी तीखी पोस्ट में ट्रंप ने ईरान को 'नाकाम देश' करार देते हुए दावा किया कि तेहरान अब अमेरिका के साथ जल्द से जल्द कोई समझौता या डील करने के लिए छटपटा रहा है। हालांकि, ट्रंप ने यह भी स्पष्ट कर दिया कि बातचीत की मेज पर बैठना है या नहीं, इसका अंतिम निर्णय स्वयं अमेरिका करेगा।

ईरान डील के लिए बेताब

ब्रिक्स सम्मेलन में पश्चिमी एशिया में शांति की अपीलों और अमेरिका द्वारा लगाए गए आर्थिक प्रतिबंधों की आलोचना के बीच ट्रंप की यह टिप्पणी बेहद अहम मानी जा रही है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा कि आर्थिक व सैन्य मोर्चे पर घिर चुका ईरान किसी भी तरह युद्ध विराम या समझौता चाहता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने संकेत दिया कि अमेरिका वार्ता के विचार से पूरी तरह पीछे नहीं हटा है, लेकिन बातचीत की दिशा और शर्तें वाशिंगटन ही तय करेगा।

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होर्मुज की सुरक्षा का बिल अन्य देशों पर फोड़ने की तैयारी

कच्चे तेल की आपूर्ति के सबसे महत्वपूर्ण जलमार्ग 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' (Strait of Hormuz) में जारी संघर्ष का जिक्र करते हुए ट्रंप ने अन्य वैश्विक शक्तियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अमेरिका अपनी जान-माल की परवाह किए बिना दुनिया के लिए इस समुद्री मार्ग से तेल की आवाजाही सुरक्षित रख रहा है।

ट्रंप ने आरोप लगाया कि संकट की इस घड़ी में अन्य देशों ने अमेरिका की कोई मदद नहीं की। उन्होंने स्पष्ट मांग रखी कि युद्ध समाप्त होने के बाद होर्मुज की सुरक्षा का लाभ उठाने वाले सभी देशों को अमेरिका को इसका हर्जाना और खर्च चुकाना होगा।

अमेरिका में बढ़ती महंगाई और तेल की कीमतों पर जो बाइडन को घेरा

अंतरराष्ट्रीय मोर्चे के साथ-साथ घरेलू अर्थव्यवस्था पर उठ रहे सवालों पर भी ट्रंप ने अपनी बात रखी। अमेरिका में महंगाई और ऊर्जा संकट के लिए उन्होंने पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडन और उनके प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने दावा किया कि बाइडन के कार्यकाल में तेल की दरें इससे भी ज्यादा थीं और उनके अपने प्रशासन ने ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोका है।

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सैन्य टकराव खत्म होते ही नीचे गिरेंगे तेल के दाम

कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों में आई उछाल पर चिंता जताते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने भरोसा जताया कि यह सैन्य संघर्ष बहुत लंबा नहीं चलेगा। उन्होंने अनुमान व्यक्त किया कि जैसे ही मध्य पूर्व में ईरान के साथ जारी सैन्य तनाव समाप्त होगा, वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की दरें 'पत्थर की तरह नीचे गिरेंगी', जिससे आम उपभोक्ताओं को महंगाई से बड़ी राहत मिलेगी।

Location :  Washington

Published :  15 September 2026, 11:41 AM IST

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