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कर्नाटक दिवस पर डीके शिवकुमार ने खोला घोषणाओं का पिटारा (Img: AI Generated)
Bengaluru: कर्नाटक में रविवार को 71वें कन्नड़ राज्योत्सव का जश्न धूमधाम से मनाया गया। इस खास मौके पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने बेंगलुरु के कांतिरवा आउटडोर स्टेडियम में ध्वजारोहण कर समारोह की शुरुआत की। कार्यक्रम में स्कूली बच्चों के मार्च-पास्ट, सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कई अहम घोषणाओं ने लोगों का ध्यान खींचा। मुख्यमंत्री ने इस दौरान विद्यार्थियों के लिए नई योजना शुरू की और गांवों से जुड़ने वाले एक खास कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया।
स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग की ओर से आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राष्ट्रीय ध्वज और कन्नड़ ध्वज फहराया। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग स्कूलों से आए विद्यार्थियों के मार्च-पास्ट का निरीक्षण किया और सलामी ली।
इस मौके पर शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा, विधायक गणेश हुक्केरी और सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। पूरे कार्यक्रम में कन्नड़ भाषा, संस्कृति और राज्य की पहचान को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
राज्योत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के लिए 'सीएम विद्यार्थी सहायहस्त' योजना की शुरुआत की। इस पहल को शिक्षा के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इसका उद्देश्य जरूरतमंद विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाना और उनकी पढ़ाई से जुड़ी परेशानियों को कम करना है।
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इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने 'ग्रामानुभव' कार्यक्रम का भी उद्घाटन किया। इस पहल के जरिए शहरी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को गांवों के जीवन, खेती-किसानी और ग्रामीण संस्कृति को करीब से समझने का अवसर मिलेगा।
कन्नड़ राज्योत्सव हर साल 1 नवंबर को कर्नाटक स्थापना दिवस के रूप में मनाया जाता है। 1 नवंबर 1956 को राज्य पुनर्गठन अधिनियम के तहत कन्नड़ भाषी क्षेत्रों को मिलाकर मैसूर राज्य बनाया गया था। बाद में 1 नवंबर 1973 को इसका नाम बदलकर कर्नाटक कर दिया गया।
इसी ऐतिहासिक दिन की याद में हर साल पूरे राज्य में लाल और पीले रंग के कन्नड़ ध्वज फहराए जाते हैं। स्कूलों, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक स्थानों पर सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
राज्योत्सव के अवसर पर मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने विधान सौधा परिसर में भुवनेश्वरी देवी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। इस दौरान शिक्षा मंत्री मधु बंगारप्पा और मुख्य सचिव डॉ. शालिनी रजनीश समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी ने भी कन्नड़ भाषी लोगों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कन्नड़ भाषा, भूमि, जल और संस्कृति पर गर्व करने की अपील की। बेंगलुरु के जलहल्ली स्थित एचएमटी मैदान में आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने 'एचएमटी कन्नडिगा' कलाई घड़ियों का अनावरण करने की भी घोषणा की।
मांड्या में आयोजित राज्योत्सव कार्यक्रम में जिला प्रभारी मंत्री एनके चलुवरायस्वामी ने कहा कि कन्नड़ भाषा को केवल घरों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। इसे विज्ञान, तकनीक, शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी आगे बढ़ाना जरूरी है।उन्होंने कहा कि आधुनिक दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और नई तकनीकों का महत्व तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में कन्नड़ भाषा को भी इन क्षेत्रों से जोड़ने की जरूरत है।
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राज्योत्सव के मौके पर मांड्या में अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 30 लोगों को जिला कन्नड़ राज्योत्सव पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंत्री ने जिले के विकास कार्यों का भी जिक्र किया। उनके मुताबिक, 31 अक्टूबर को मांड्या जिले में 1,793 करोड़ रुपये की लागत वाली 57 विकास परियोजनाओं की शुरुआत की गई थी।
Location : Bengaluru
Published : 1 November 2026, 8:11 PM IST
Topics : CM Vidyarthi Sahayahastha DK Shivakumar Kannada Rajyotsava 2026 Karnataka Foundation Day karnataka news