मैसूर दशहरा पर शाही परिवार की नाराजगी! डी.के. शिवकुमार ने दिया बड़ा बयान, बोले- कमी हुई तो सुधारेंगे

मैसूर दशहरा उत्सव को लेकर शाही परिवार की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार ने शाही परिवार को पूरा सम्मान दिया और अगर कोई कमी रह गई है, तो उसे सुधारा जाएगा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 27 October 2026, 9:38 PM IST
google-preferred

Mysore: मैसूर दशहरा उत्सव को लेकर शाही परिवार की ओर से उठे सवालों पर कर्नाटक के मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने अपनी बात रखी है। उन्होंने कहा कि सरकार ने मैसूर के शाही परिवार को पूरा सम्मान दिया है। हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर उत्सव के आयोजन में सरकार की तरफ से कोई कमी रह गई है, तो उसे ठीक किया जाएगा।

शाही परिवार की नाराजगी पर मुख्यमंत्री का जवाब

बेलगावी में मंगलवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार से मैसूर दशहरा उत्सव को लेकर सवाल पूछा गया। सवाल शाही परिवार की सदस्य प्रमोदा देवी वाडियार की नाराजगी और आयोजन में सरकारी विभागों के बीच तालमेल की कमी से जुड़ा था।

इस पर शिवकुमार ने कहा कि उन्होंने अभी तक प्रमोदा देवी के बयान पर ध्यान नहीं दिया है। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस मामले की समीक्षा की जाएगी और जरूरत पड़ने पर चर्चा भी होगी। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का निजी मामला नहीं है, बल्कि पूरे राज्य से जुड़ा विषय है।

ये भी पढ़ें- चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ को लेकर देवघर प्रशासन अलर्ट! 28-29 अक्टूबर को भारी बारिश की संभावना, NDRF की टीमें स्टैंडबाय पर

परंपराओं को बनाए रखने पर दिया जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि मैसूर दशहरा केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि क्षेत्र की पुरानी परंपराओं और आस्था से जुड़ा उत्सव है। इसमें नाद देवता को नमन किया जाता है और लंबे समय से चली आ रही रीति-रिवाजों का खास महत्व है। उन्होंने बताया कि इस बार भी परंपराओं के अनुसार उत्सव आयोजित किया गया। दशहरा के प्रमुख आकर्षण जंबू सवारी में प्रशांत नाम के एक नए हाथी को भी शामिल किया गया था। सरकार का कहना है कि आयोजन के दौरान पुरानी परंपराओं को कायम रखने का प्रयास किया गया।

हर मंत्री को दी गई थी जिम्मेदारी

डी.के. शिवकुमार के मुताबिक, दशहरा उत्सव को सफल बनाने के लिए सरकार ने अलग-अलग मंत्रियों को विशेष जिम्मेदारियां सौंपी थीं। उनके अनुसार, सभी मंत्रियों ने अपनी जिम्मेदारियां निभाईं और आयोजन को तय परंपराओं के मुताबिक पूरा किया गया। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि मैसूर दशहरा एक सरकारी आयोजन है। इसे किसी व्यक्ति का निजी कार्यक्रम नहीं माना जाना चाहिए। उनके इस बयान से सरकार का पक्ष सामने आया है, जबकि शाही परिवार की ओर से उठाए गए सवालों पर चर्चा की गुंजाइश बनी हुई है।

ये भी पढ़ें- Ghatal Master Plan: घाटाल में बाढ़ से मिलेगी राहत? केंद्र और राज्य मिलकर खर्च करेंगे करोड़ों, जानें कब तक पूरा होगा काम

गलती हुई तो सुधार करेंगे: मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने माना कि उन्हें पुराने इतिहास की हर बात की पूरी जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार की ओर से कोई चूक हुई है, तो उसे सुधारा जाएगा। इस बयान में उन्होंने एक तरफ शाही परिवार को सम्मान देने की बात दोहराई, तो दूसरी तरफ आयोजन में संभावित कमी को दूर करने का भरोसा भी दिया।

Location :  Mysore

Published :  27 October 2026, 9:38 PM IST

Advertisement