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दशहरा उत्सव के समापन में पहुंचे सीएम डीके शिवकुमार (Img: Dynamite News)
Mysore: कर्नाटक के मैसूर में दशहरा उत्सव का समापन ऐतिहासिक जंबू सवारी के साथ हो रहा है। मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार परिवार के साथ इस भव्य आयोजन में शामिल होने पहुंचे हैं। सोने का विशाल हौदा, सजे-धजे हाथी, रंग-बिरंगी झांकियां और मशाल परेड इस उत्सव को खास बनाते हैं। इस बार पर्यटकों की भारी भीड़ और सोशल मीडिया पर बढ़ती लोकप्रियता ने भी मैसूर दशहरा को चर्चा में ला दिया है।
कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार बुधवार को अपने परिवार के साथ मैसूर पहुंचे। यहां हवाई अड्डे पर उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। मुख्यमंत्री ऐतिहासिक जंबू सवारी में शामिल होने पहुंचे हैं, जो दस दिवसीय मैसूर दशहरा उत्सव का प्रमुख आकर्षण है।
मैसूर पहुंचने के बाद शिवकुमार ने उत्सव देखने आए लोगों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने देवी चामुंडेश्वरी से सभी के सुख, शांति और खुशहाली की प्रार्थना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों से आए लोगों और विदेशी पर्यटकों को देवी का आशीर्वाद मिले और उनके जीवन से दुख दूर हों।
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जंबू सवारी की सबसे बड़ी पहचान देवी चामुंडेश्वरी की प्रतिमा है, जिसे करीब 750 किलोग्राम वजनी सोने के हौदे, यानी अंबारी, में रखा जाता है। यह हौदा शोभायात्रा में सबसे आगे चलने वाले हाथी पर स्थापित किया जाता है।
शाही अंदाज में निकलने वाली यह यात्रा मैसूर पैलेस से शुरू होकर बन्नीमंटप मैदान तक करीब पांच किलोमीटर का सफर तय करती है। रास्ते में लोक कलाकारों की प्रस्तुतियां, अलग-अलग जिलों की सांस्कृतिक झांकियां, पुलिस बैंड और मार्चिंग टुकड़ियां लोगों का ध्यान खींचती हैं।
शोभायात्रा का समापन बन्नीमंटप में पारंपरिक मशाल परेड के साथ होता है। यही वजह है कि जंबू सवारी धार्मिक आस्था के साथ-साथ कर्नाटक की सांस्कृतिक पहचान का भी बड़ा हिस्सा मानी जाती है।
इस बार मैसूर में पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिली। मुख्यमंत्री शिवकुमार के मुताबिक मैसूर के अलावा पड़ोसी मडिकेरी और बेंगलुरु की ओर जाने वाले रास्तों के आसपास भी कई होटल और कमरे भर गए हैं। इसके कारण कुछ पर्यटकों को ठहरने की जगह खोजने में परेशानी हुई।
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उन्होंने बताया कि उत्सव को लेकर लाइव प्रसारण और सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा हुई है। युवाओं ने कार्यक्रम की रील्स बनाकर साझा कीं, जिससे मैसूर दशहरा की पहचान देश के बाहर तक पहुंची।
दशहरा समारोह के दौरान भारतीय वायु सेना के एयर शो और ड्रोन शो ने भी पर्यटकों के लिए खास आकर्षण पैदा किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रशासन ने भीड़ और यातायात को संभालने के लिए इंतजाम किए हैं। आयोजन के दौरान लोगों की प्रतिक्रियाएं भविष्य में व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने में मदद करेंगी।
कार्यक्रम में केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन और तेलंगाना के मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के भी शामिल होने की जानकारी दी गई। पारंपरिक कंबाला भैंसा दौड़ को लेकर भी अच्छी प्रतिक्रिया मिलने की बात कही गई। मैसूर दशहरा का आकर्षण सिर्फ शाही शोभायात्रा तक सीमित नहीं है। आस्था, लोककला और आधुनिक तकनीक का मेल इसे खास बनाता है।
Location : Mysore
Published : 21 October 2026, 3:06 PM IST