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जारकीहोली परिवार के 18 ठिकानों पर ED की बड़ी स्ट्राइक (Img- X)
Bengaluru: कर्नाटक के लोक निर्माण विभाग (PWD) मंत्री सतीश जारकीहोली की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। विदेशी मनी ट्रेल और संदिग्ध निवेश के बड़े मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा पूरी तरह कस चुका है।
बेंगलुरु से लेकर बेलगावी, गोकाक और महाराष्ट्र तक मंत्री सतीश जारकीहोली, उनकी सांसद बेटी प्रियंका जारकीहोली और करीबियों से जुड़े ठिकानों पर दूसरे दिन भी पड़ा रेड। केंद्रीय एजेंसी को शक है कि अफ्रीका की एक माइनिंग (खनन) कंपनी में गैरकानूनी तरीके से करोड़ों रुपयों का भारी निवेश किया गया है, जिसकी गहराई से जांच चल रही है।
जांच का मुख्य केंद्र बिंदु विदेशी मुद्रा विनिमय प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत संदिग्ध विदेशी लेनदेन है। शुरुआती जांच में ही करीब 3 करोड़ रुपये के अवैध फॉरेन फंड की बात सामने आई है। ईडी की टीम इस बात की पड़ताल कर रही है कि मंत्री की पत्नी महादेवी द्वारा विदेश में किए गए इस निवेश का असली जरिया क्या था।
आरोप है कि सतीश जारकीहोली जब 2013 से 2016 के बीच आबकारी मंत्री थे, तब उन्होंने अपने पद का दुरुपयोग कर 18 फर्जी बार लाइसेंस जारी करवाए थे। इस कथित घोटाले से कमाए गए पैसे को ही हवाला के जरिए विदेश भेजने का अंदेशा जताया जा रहा है।
इस पूरे केस में मंत्री के साले और आबकारी विभाग के एडिशनल कमिश्नर वाई. डी. मंजूनाथ और मंत्री के बेटे राहुल जारकीहोली भी जांच के रडार पर हैं। ईडी अधिकारी उनके बैंक खातों और संपत्तियों के दस्तावेज खंगाल रहे हैं।
इस धमाकेदार कार्रवाई के बाद कर्नाटक में सियासी संग्राम छिड़ गया है। राज्य के मुख्यमंत्री ने इसे पूरी तरह राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताते हुए मंत्री का बचाव किया है, जबकि कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय एजेंसियों के बेजा इस्तेमाल का आरोप लगाया है।
Location : Bengaluru
Published : 10 September 2026, 10:03 AM IST
Topics : ED Raid Excise Scam karnataka news Satish Jarkiholi