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सीडीओ की अध्यक्षता में हुई पर्यावरण समितियों की बैठक(सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
Kasganj: उत्तर प्रदेश जिले के कासगंज में बूढ़ी गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए प्रशासन ने तैयारी शुरू कर दी है। नदी में गिरने वाले आठ नालों के दूषित पानी का बायोरेमीडिएशन पद्धति से शोधन कराया जाएगा। इनमें गंजडुंडवारा के चार, सोरों के तीन और भरगैन का एक नाला शामिल है। इसके अलावा चार नवंबर को सोरों जी स्थित हरि की पौड़ी घाट पर भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। मंगलवार को कलेक्ट्रेट के रुद्राक्ष सभागार में हुई बैठक में पर्यावरण संरक्षण, नदियों की स्वच्छता और पौधरोपण से जुड़े कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
बूढ़ी गंगा को प्रदूषण से बचाने के लिए प्रशासन ने नदी में गिरने वाले नालों के दूषित पानी के शोधन पर जोर दिया है। प्रस्तावित योजना के तहत आठ नालों के पानी को बायोरेमीडिएशन पद्धति से साफ किया जाएगा। इनमें गंजडुंडवारा के चार, सोरों के तीन और भरगैन का एक नाला शामिल है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य दूषित पानी में मौजूद प्रदूषणकारी तत्वों को कम करना है, ताकि नदी के जल की गुणवत्ता में सुधार हो सके। योजना के प्रभावी क्रियान्वयन से बूढ़ी गंगा में पहुंचने वाले प्रदूषण को नियंत्रित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
बूढ़ी गंगा को प्रदूषण से बचाने की तैयारी (सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
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मंगलवार को कलेक्ट्रेट स्थित रुद्राक्ष सभागार में मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह की अध्यक्षता में जिला पर्यावरण समिति, जिला गंगा समिति और जिला वृक्षारोपण समिति की संयुक्त बैठक हुई। इसमें नदियों और अन्य जल स्रोतों को स्वच्छ रखने के उपायों पर चर्चा की गई। बैठक के दौरान नदियों और नालों की जल गुणवत्ता, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की सैंपलिंग रिपोर्ट और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने और जल स्रोतों की स्वच्छता के लिए प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए।
सोरों जी स्थित हरि की पौड़ी घाट पर चार नवंबर को भव्य गंगा आरती का आयोजन किया जाएगा। जिला गंगा समिति के तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम की तैयारियों पर भी बैठक में चर्चा की गई। आयोजन के माध्यम से गंगा के प्रति लोगों की आस्था को मजबूत करने के साथ नदी संरक्षण और स्वच्छता का संदेश देने पर जोर दिया जाएगा। इसके अलावा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया की ओर से लहरा घाट पर कछुआ विमोचन कार्यक्रम आयोजित करने के प्रस्ताव पर भी विचार-विमर्श किया गया।
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 के वृक्षारोपण महायज्ञ के तहत विभिन्न विभागों द्वारा कराए गए पौधरोपण कार्यों की समीक्षा भी की गई। अधिकारियों ने पौधों की जियो-टैगिंग की प्रगति की जानकारी दी। मुख्य विकास अधिकारी वीरेंद्र सिंह ने जिन विभागों में जियो-टैगिंग का काम अधूरा है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर इसे पूरा करने के निर्देश दिए। इससे पौधरोपण से जुड़े कार्यों का रिकॉर्ड तैयार करने और लगाए गए पौधों का सत्यापन करने में मदद मिलेगी।
आठ नालों के पानी का होगा शोधन (सोर्स-डाइनामाइट न्यूज)
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बैठक में गंगा किनारे होने वाले निर्माण कार्यों से संबंधित वर्ष 2016 के प्रावधानों पर भी चर्चा हुई। ऐसे निर्माण कार्यों के लिए आवश्यक अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) प्राप्त करने के उद्देश्य से प्रस्ताव राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन को भेजने की प्रक्रिया पर विचार किया गया। मुख्य विकास अधिकारी ने पर्यावरण संरक्षण, गंगा पुनरोद्धार और अपशिष्ट प्रबंधन से जुड़े कार्यों को गंभीरता से पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी और समिति के सदस्य मौजूद रहे।
बूढ़ी गंगा के प्रदूषण को नियंत्रित करने, पौधरोपण कार्यों की निगरानी और गंगा किनारे निर्माण से जुड़े नियमों के पालन पर प्रशासन का जोर है। आठ नालों के दूषित पानी के शोधन की प्रस्तावित योजना से नदी की स्वच्छता में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, इसका वास्तविक असर शोधन कार्य शुरू होने और उसकी नियमित निगरानी के बाद ही सामने आएगा।
Location : Kasganj
Published : 27 October 2026, 9:50 PM IST
Topics : Bioremediation Method Environmental Protection Ganga Pollution Control Har Ki Paudi Ganga Aarti kasganj news