अंग्रेजों के सामने नहीं झुके रामप्रसाद भालोटिया: सिसवा में गूंजा वीर सपूत का शौर्य, मूर्ति स्थापना की मांग

मंगलवार को सिसवा बाजार में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में देश की आजादी के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रामप्रसाद भालोटिया के संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम को याद किया गया। समारोह में पूर्व मंत्री सुशील टिबडे़वाल ने सिसवा नगर के किसी प्रमुख चौराहे पर स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग की।

Updated : 27 October 2026, 8:11 PM IST
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महराजगंज: देश की आजादी के लिए अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेने वाले स्वतंत्रता संग्राम सेनानी स्वर्गीय रामप्रसाद भालोटिया का संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम मंगलवार को सिसवा बाजार में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह के दौरान एक बार फिर चर्चा के केंद्र में रहा। उनकी स्मृति में आयोजित कार्यक्रम में जहां उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया गया, वहीं उनके जीवन पर आधारित पुस्तक का विमोचन कर स्थानीय इतिहास को संरक्षित करने की पहल की गई।

समारोह में पूर्व मंत्री सुशील टिबडे़वाल ने सिसवा नगर के किसी प्रमुख चौराहे पर स्वतंत्रता सेनानी की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग उठाई। इस मांग ने आयोजन को एक नई दिशा देते हुए स्वतंत्रता सेनानियों को सार्वजनिक स्तर पर सम्मानित करने की आवश्यकता को रेखांकित किया।

उन्होंने सिसवा नगर के किसी प्रमुख चौराहे पर उनकी प्रतिमा स्थापित कराने की मांग करते हुए उनके योगदान को जनमानस तक पहुंचाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

समारोह का प्रमुख आकर्षण उनके जीवन और स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान पर आधारित ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन रहा। उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं सिसवा विधानसभा से सपा प्रत्याशी सुशील टिबडे़वाल ने नगर के किसी प्रमुख चौराहे पर रामप्रसाद भालोटिया की प्रतिमा स्थापित कराने की मांग कर उनके योगदान को स्थायी पहचान देने की आवाज बुलंद की।

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कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व मंत्री एवं सिसवा विधानसभा से समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी सुशील टिबडे़वाल के अलावा डाइनामाइट न्यूज के प्रधान संपादक मनोज टिबडे़वाल आकाश, गोरखपुर के मनोनीत पार्षद दुर्गेश बजाज, पूर्व ब्लॉक प्रमुख उदयप्रताप सिंह, पूर्व चेयरमैन अशोक जायसवाल, सुरेश रूंगटा, भाजपा प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य ध्रुव सिंह, शकुंतला जायसवाल, प्रिंस जायसवाल, डॉ. पंकज तिवारी और प्रमोद जायसवाल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

कार्यक्रम में स्वतंत्रता सेनानी के परिजनों ने उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए। वहीं, बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।

विदेशी कपड़ों की होली जलाकर अंग्रेजों को दी थी चुनौती

स्वर्गीय रामप्रसाद भालोटिया का जीवन स्वतंत्रता आंदोलन में सक्रिय भागीदारी और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की प्रेरक गाथा रहा। उपलब्ध ऐतिहासिक विवरणों के अनुसार, कांग्रेस और महात्मा गांधी के आह्वान पर उन्होंने अपनी दुकान से विदेशी कपड़े निकलवाकर आचार्य नरेंद्र देव की उपस्थिति में उन्हें जला दिया था। विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार का यह कदम अंग्रेजी शासन के खिलाफ उनके दृढ़ विरोध का प्रतीक बना।

स्वतंत्रता आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका के चलते ब्रिटिश सरकार ने 13 जनवरी 1922 को भारतीय दंड संहिता की धारा 147 के तहत उन्हें छह महीने की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। इसके बाद 22 सितंबर 1922 को उन्हें दोबारा एक महीने की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई।

ऐतिहासिक विवरणों में वर्ष 1931 की एक घटना का भी उल्लेख मिलता है। सिसवा क्षेत्र के खेसारी गांव में लगान देने के विरोध के दौरान उनके साथ अमानवीय व्यवहार किए जाने की बात सामने आती है। बताया जाता है कि उन्हें घोड़ाबग्घी से बांधकर घसीटा गया था। इसके बावजूद उन्होंने अपने सिद्धांतों और संघर्ष की राह नहीं छोड़ी।

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23 दिसंबर 1940 को उन्हें डिफेंस ऑफ इंडिया रूल्स के तहत नौ महीने की कैद और एक हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। वर्ष 1943 में उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय लाल बहादुर शास्त्री और मंगला प्रसाद के साथ नैनी केंद्रीय कारागार, इलाहाबाद में 18 महीने की नजरबंदी की सजा पूरी की।

उनका जीवन इस बात की मिसाल है कि देश की आजादी के लिए स्वतंत्रता सेनानियों ने कितनी कठिन परिस्थितियों और यातनाओं का सामना किया। राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखने वाले ऐसे सेनानियों का योगदान भारतीय इतिहास की अमूल्य धरोहर है।

ऐतिहासिक पुस्तक का विमोचन

पुस्तक का विमोचन फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

पुस्तक का विमोचन फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

समारोह का प्रमुख आकर्षण रामप्रसाद भालोटिया के जीवन, संघर्ष और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान पर आधारित पुस्तक का विमोचन रहा। इस पहल का उद्देश्य सिसवा बाजार और महराजगंज की ऐतिहासिक विरासत को सहेजना तथा स्वतंत्रता सेनानियों की गौरवगाथा को नई पीढ़ी तक पहुंचाना है।

वक्ताओं ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों का सम्मान केवल विशेष अवसरों पर श्रद्धांजलि देने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। उनके विचारों, त्याग, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की भावना को जीवन में अपनाना भी जरूरी है। पुस्तक के माध्यम से उन ऐतिहासिक घटनाओं और प्रसंगों को संरक्षित करने का प्रयास किया गया, जो स्थानीय इतिहास की पहचान हैं।

बच्चों की सहभागिता ने बनाया भावुक माहौल

कार्यक्रम में उमेश जी ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामप्रसाद भालोटिया का जीवन परिचय प्रस्तुत किया। इसके बाद जयप्रकाश भालोटिया और उत्कर्ष भालोटिया ने उनके जीवन से जुड़े प्रेरक प्रसंग साझा किए तथा उनके संघर्ष और राष्ट्रसेवा को याद किया।

समारोह में परिवार की नौ वर्षीय सदस्य शान्वी भालोटिया ने भी अपनी बात रखी। जानकारी के अनुसार, उन्हें कला एवं संस्कृति के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्यों के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री से सम्मानित किया जा चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के समक्ष संस्कृत श्लोक का पाठ भी किया है।

वहीं, साढ़े चार वर्षीय निवी भालोटिया ने भी संक्षिप्त उद्बोधन प्रस्तुत किया। बच्चों की सहभागिता ने समारोह को भावनात्मक और प्रेरणादायक बना दिया। इससे यह संदेश सामने आया कि परिवार की ऐतिहासिक विरासत और राष्ट्रसेवा के संस्कारों को नई पीढ़ी तक पहुंचाना आवश्यक है।

मेधावी विद्यार्थियों का सम्मान, प्रतिभाओं को मिला प्रोत्साहन

श्रद्धांजलि समारोह में शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित कर उनका उत्साहवर्धन किया गया। आयोजकों ने इसे स्वतंत्रता सेनानी के आदर्शों को आगे बढ़ाने और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने की सार्थक पहल बताया।

पिछले वर्ष कक्षा 10 की बोर्ड परीक्षा में आरपीआईसी स्कूल, सिसवा बाजार की कशिश गोंड ने 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। इसी विद्यालय की वसुधा पांडेय ने 93.3 प्रतिशत अंक हासिल किए, जबकि सेंट जोसेफ स्कूल, सिसवा बाजार की अंकिता सिंह ने 92 प्रतिशत अंक प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।

इन विद्यार्थियों के साथ अन्य मेधावियों को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में दिव्या सिंह ने एसकेएसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की ओर से भाषण प्रस्तुत किया।

आयोजकों ने कहा कि शिक्षा, संस्कार, सामाजिक उत्तरदायित्व और राष्ट्रप्रेम को बढ़ावा देना ही स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है।

भालोटिया परिवार और गणमान्य नागरिकों की रही सहभागिता

श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन भालोटिया परिवार और उनके शुभचिंतकों की ओर से किया गया। आयोजन में जयप्रकाश भालोटिया, उत्कर्ष भालोटिया, नमित भालोटिया, मनीष भालोटिया, हरिराम भालोटिया और बाबूलाल अग्रवाल सहित परिवार के अनेक सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

भालोटिया परिवार और अन्य के साथ पूर्व मंत्री सुशील टिबडे़वाल फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

भालोटिया परिवार और अन्य के साथ पूर्व मंत्री सुशील टिबडे़वाल फोटो सोर्स-डाइनामाइट न्यूज

समारोह में महंत संकर्षण रामानुज दास, अधिशासी अधिकारी विंध्याचल, बृजेश पांडेय, जितेंद्र बहादुर सिंह, चंद्रशेखर सिंह, विवेक चौरसिया, धीरज पटेल, बच्चनलाल गोंड, अनिल गुप्ता, नंदकिशोर केडिया, रजनीश केडिया, राजेश अग्रवाल, शिव केडिया, अमर भालोटिया, मनोज भालोटिया, आशुतोष भालोटिया और अंकित लाठ पूर्व जिलाध्यक्ष राजेश यादव, सपा महासचिव शम्सुद्दीन अली, मौजूदगी राकेश सिंह रिंकू, प्रवीण सिंह, हीरा लाल ज़ख़्मी समेत नगर के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, मीडिया प्रतिनिधियों और नागरिकों ने स्वतंत्रता सेनानी के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित कर उनके आदर्शों पर चलने का संकल्प व्यक्त किया।

27 अक्टूबर 1978 को हुआ था निधन, आज भी जीवंत हैं उनके आदर्श

स्वर्गीय रामप्रसाद भालोटिया ने 27 अक्टूबर 1978 को अंतिम सांस ली थी। उनके निधन के दशकों बाद भी उनका त्याग, संघर्ष और राष्ट्रप्रेम लोगों को प्रेरित करता है।

उनकी स्मृति में आयोजित श्रद्धांजलि समारोह स्वतंत्रता आंदोलन की गौरवगाथा को याद करने के साथ-साथ स्थानीय इतिहास को संरक्षित करने का अवसर भी बना। पुस्तक विमोचन, मेधावियों का सम्मान और नगर के प्रमुख चौराहे पर प्रतिमा स्थापना की मांग ने कार्यक्रम को विशेष महत्व दिया।

रामप्रसाद भालोटिया जैसे स्वतंत्रता सेनानियों का जीवन याद दिलाता है कि आजादी केवल एक ऐतिहासिक घटना नहीं, बल्कि असंख्य लोगों के त्याग, बलिदान और अटूट संकल्प का परिणाम है। उनके संघर्ष को सहेजना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।

Location :  Maharajganj

Published :  27 October 2026, 8:02 PM IST

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